मंगलवार, 04 जुलाई, 2006 को 04:52 GMT तक के समाचार
इसराइली सैनिक को अगवा करने का दावा करने वाले फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों में से एक ने ख़बर दी है कि सैनिक गिलाद शालित जीवित है.
बाद में इसराइल के एक प्रवक्ता ने इसकी घोषणा की है.
इस बीच इसराइल को क़ैदियों की रिहाई के लिए मंगलवार की सुबह तक का जो समय दिया था वह समाप्त हो चुका है.
फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने कहा है कि वे अगवा किए गए सैनिक शालित को मार नहीं रहे हैं लेकिन वो अब आगे इस बारे में कोई बात नहीं करेंगे.
उधर अपने सैनिक को चरमपंथियों की क़ैद से छुड़वाने के लिए गज़ा में प्रवेश कर चुकी इसराइली सेना ने और हवाई हमले किए हैं.
इसराइली सेना ने यूनिवर्सिटी पर भी हमले किए हैं.
हमास के सैन्य शाखा और दो अन्य गुटों ने एक बयान जारी करके सोमवार को कहा था कि यदि समय सीमा के भीतर क़ैदी रिहा नहीं किए गए तो इसके परिणाम भुगतने होंगे.
लेकिन इसराइल ने इस समय सीमा को ख़ारिज कर दिया था और कहा था कि उसके सैनिक को बिना शर्त छोड़ दिया जाए.
उल्लेखनीय है कि रविवार, 25 जून को एक सैन्य चौकी पर हमला करने के बाद चरमपंथियों ने इसराइली सैनिक गिलाद शालित को अगवा कर लिया था.
चरमपंथी गुट 19 साल के इस सैनिक के बदले इसराइली जेलों में बंद फ़लस्तीनी क़ैदियों की रिहाई की माँग कर रहे हैं.
हमले
इस बीच इसराइली सेना ने गज़ा में और हवाई हमले किए हैं.
सेना का कहना है कि हमले उन ठिकानों पर किए गए हैं जिसका उपयोग चरमपंथी करते रहे हैं.
ख़बरें है कि इन हमलों में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है. जिसके चरमपंथी होने का दावा किया गया है.
इसराइल ने साफ़ कर दिया है कि यदि उसके सैनिक को कुछ होता है तो इसके लिए हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार होगी.
दोनों पक्षों पर इस बात के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है कि वे हिंसा रोकें.