सोमवार, 03 जुलाई, 2006 को 07:44 GMT तक के समाचार
इसराइली सैनिक को अगवा करने का दावा करने वाले फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों ने इसराइल को क़ैदियों की रिहाई के लिए मंगलवार तक का समय दिया है.
हमास के सैन्य शाखा और दो अन्य गुटों ने एक बयान जारी करके कहा है कि यदि समय सीमा के भीतर क़ैदी रिहा नहीं किए गए तो इसके परिणाम भुगतने होंगे.
चरमपंथी गुटों ने अपनी संभावित कार्रवाई का कोई विवरण नहीं दिया है.
उल्लेखनीय है कि रविवार, 25 जून को एक सैन्य चौकी पर हमला करने के बाद चरमपंथियों ने इसराइली सैनिक गिलाद शालित को अगवा कर लिया था.
चरमपंथी गुट इसके बदले इसराइली जेलों में बंद फ़लस्तीनी क़ैदियों की रिहाई की माँग कर रहे हैं.
लेकिन इन क़ैदियों की रिहाई से इंकार करते हुए इसराइल ने गज़ा में सेना भेज दी है जो सोमवार को दक्षिण गज़ा के बाद उत्तरी भाग में भी पहुँच गई है.
हमास की सैन्य शाखा और दो और गुटों के संदेश में कहा गया है, "यहूदी शत्रुओं की लगातार बढ़ती सैन्य आक्रामकता को देखते हुए हम उन्हें चार जुलाई तक का समय दे रहे हैं."
"यदि मानवीय आधार पर की जा रही इस माँग को शत्रु नहीं मानेगा तो हम इस मामले को ख़त्म मान लेंगे."
बयान में कहा गया है कि इसके लिए इसराइल ही ज़िम्मेदार होगा.
इस बयान पर हमास के इज़्ज़ेदीन अल-क़ासम ब्रिगेड, पॉपुलर रेसिस्टेंस कमेटी और इस्लामिक आर्मी के नाम हैं.