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शुक्रवार, 30 जून, 2006 को 08:19 GMT तक के समाचार

सीनेट नई अदालत के गठन की तैयारी में

ग्वांतानामो में सैनिक न्यायाधिकरण को ग़ैर क़ानूनी ठहराए जाने के बाद अमरीकी सीनेट ने नई तरह की अदालत के गठन की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है.

ये अदालत संदिग्ध चरमपंथियों के मामलों का निपटारा करेगी. गुरुवार को अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने ग्वांतानामो बे में सैनिक न्यायाधिकरण को अमरीकी क़ानून के ख़िलाफ़ बताया था.

सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि यह न्यायाधिकरण जिनेवा संधि का भी उल्लंघन है. ग्वांतानामो बे के बंदी शिविर में बड़ी संख्या में संदिग्ध चरमपंथियों को रखा गया है.

सुप्रीम कोर्ट का ये फ़ैसला ओसामा बिन लादेन के पूर्व ड्राइवर सलीम अहमद हमादान की अपील पर आया है. ग्वांतानामो के सैनिक न्यायाधिकरण में हमादान सहित 10 लोगों पर मुक़दमा चल रहा है.

मांग

हमादान ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि उनका मुक़दमा नागरिक न्यायाधिकरण में या कोर्ट मार्शल के तहत होना चाहिए, जहाँ मुक़दमे की कार्यवाही ज़्यादा उदार होती है.

इस बीच राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि उनकी सरकार इन सैनिक न्यायाधिकरणों के लिए कांग्रेस की स्वीकृति हासिल करने का रास्ता निकाल सकती है.

राष्ट्रपति बुश ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला काफ़ी गंभीरता से ले रहे हैं. लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि वे कांग्रेस की स्वीकृति के लिए जा सकते हैं.

उन्होंने कहा, "अमरीकी जनता ये जानना चाहती है कि इस फ़ैसले से कहीं ऐसा न हो जाए कि हत्यारे खुलेआम सड़कों पर घूमने लगें."

इन न्यायाधिकरणों में कम सबूतों के आधार पर भी लोगों को दोषी ठहराया जा सकता है जैसा कि अन्य अदालतों में नहीं होता.

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद अमेरिकन सिविल लिबर्टीज़ यूनियन ने राष्ट्रपति बुश से मांग की है कि ग्वांतानामो बंदी शिविर को बंद कर दिया जाए.

वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला राष्ट्रपति बुश के लिए तगड़ा झटका है.