शुक्रवार, 23 जून, 2006 को 01:56 GMT तक के समाचार
इराक़ में तैनात अमरीकी सेना के प्रमुख ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह शिया विद्रोहियों को समर्थन दे रहा है.
जनरल जॉर्ज केसी का कहना है कि ईरान इराक़ के शिया विद्रोही गुटों को हथियार और प्रशिक्षण दे रहा है और यह हाल में बढ़ा है.
हालांकि अमरीका के पास ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि ईरान सीधे हस्तक्षेप कर रहा है लेकिन अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान छुपे तौर से अमरीकी सेनाओं पर हमला करनेवालों को मदद कर रहा है.
अमरीका ने पहले भी कई बार ईरान पर आरोप लगाया है कि वह इराक़ के शिया गुटों की मदद कर रहा है लेकिन वह इस बारे में कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं कर पाया है.
जनरल केसी ने कहा कि इसका आधार ख़ुफ़िया सूचनाएं हैं. उनका कहना था, '' शिया गुटों को ख़ासकर जनवरी से ईरान के समर्थन में बढोत्तरी हुई है.''
जनरल केसी ने कहा कि इराक़ की जटिल स्थित के कारणों में से एक ईरान का प्रभाव भी है. उनका कहना था कि शिया गुटों को ईरान और शायद लेबनान में प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
दूसरी ओर ईरान ने अमरीका पर आरोप लगाया है कि वह परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही कूटनीतिक खींचतान का लाभ उठाना चाहता है.
इधर इराक़ से अमरीकी सैनिकों की वापसी के दो प्रस्ताव अमरीकी सीनेट में नामंज़ूर कर दिए गए हैं.
दोनों प्रस्ताव डेमोक्रेट सांसदों की ओर से रखे गए थे और राष्ट्रपति बुश की रिपब्लिकन पार्टी ने इनका विरोध किया.
इन दो प्रस्तावों में से एक में अगले साल के मध्यतक इराक़ से अमरीकी सेना को हटा लेने का प्रस्ताव था जबकि दूसरे में सेना को चरणबद्ध ढंग से हटाने की बात कही गई थी.
ग़ौरतलब है कि इस समय इराक़ में लगभग एक लाख 27 हज़ार अमरीकी सैनिक तैनात हैं.