सोमवार, 19 जून, 2006 को 23:59 GMT तक के समाचार
अमरीकी सेना का कहना है कि उसने तीन इराक़ी क़ैदियों की मौत की जाँच के आदेश दे दिए हैं और इस घटना के संबंध में तीन अमरीकी सैनिकों पर मामला चलाया जाएगा.
ये तीनों इराक़ी क़ैदी 9 मई को तिकरित के पास एक अभियान में मारे गए थे.
अमरीकी सैनिकों पर हत्या, हत्या की कोशिश, षड्यंत्र और न्याय में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं.
ये तीनों सैनिक अमरीका की 101 एयरबोर्न डिवीजन के हैं. अमरीकी सेना का कहना है कि जिस दिन कथित हत्याएँ हुईं, उसी दिन उनके यूनिट कमांडर ने जाँच के आदेश दे दिए थे.
लेकिन अमरीकी सेना ने इस बात की बहुत थोड़ी जानकारी दी है कि किन सूचनाओं के आधार पर ये आरोप लगाए गए.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि 9 मई को 101 एयरबोर्न डिवीजन के सैनिकों ने विद्रोहियों की तलाश में एक पुरानी रसायन फ़ैक्ट्री पर छापा मारा था.
सेना के एक बयान में कहा गया है कि जाँच के आदेश क़ैदियों की मौत की परिस्थितियों पर संदेह उत्पन्न होने के बाद दिए गए.
दुर्व्यवहार की घटनाएँ
अमरीकी सैनिकों के ख़िलाफ़ ग़ैरक़ानूनी तरीके से आम लोगों को मारने और क़ैदियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के कई आरोप लगे हैं और उनकी जाँच चल रही है.
अमरीकी सैनिकों पर पिछले साल हदीसा में 24 आम लोगों की हत्या का आरोप लगा था.
ऐसे आरोप हैं कि नवंबर,2005 में अमरीकी सैनिकों ने 24 इराक़ी नागरिकों की हत्या कर दी थी.
मामला तूल पकड़ने के बाद अमरीकी सरकार ने जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक करने का वादा किया है.
इसके अलावा अमरीकी सैनिकों पर आरोप लगा था कि उसकी गोलीबारी से उत्तरी बग़दाद के इस्हाक़ी शहर में 11 नागरिकों की मौत हो गई थी.
लेकिन सैनिकों का कहना था कि अलक़ायदा के बारे में मिली एक सूचना के बाद उन्होंने एक मकान पर हमला किया था और इसमें मकान ध्वस्त हो गया और मलबे में चार लोगों के शव मिले थे.
लेकिन इराक़ी पुलिस ने आरोप लगाया था कि अमरीकी सैनिक घर में ज़बरदस्ती घुस गए और उन्होंने परिवार के 11 लोगों को गोली मार दी थी.