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सोमवार, 19 जून, 2006 को 02:59 GMT तक के समाचार

हमास और फ़तह 'सहमति के क़रीब' हैं

परस्पर विरोधी फ़लस्तीनी गुटों - हमास और फ़तह के अधिकारियों के अनुसार फ़लस्तीनी राष्ट्र और अप्रत्यक्ष तौर पर इसराइल को मान्यता दिए जाने के मुद्दे पर दोनो पक्ष सहमति के क़रीब हैं.

हमास और फ़तह के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर अपने मतभेद सुलझाने के लिए बातचीत में जुटे हैं.

फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री और वरिष्ठ हमास नेता इस्माइल हानिया का कहना है कि बातचीत में काफ़ी प्रगति हुई है.

उधर फ़तह के प्रवक्ता तौफ़ीक़ अबू ख़ूसा का कहना है कि माहौल काफ़ी सकारात्मक है.

इस मुद्दे पर फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास कह चुके हैं कि वे हर हालत में जनमत संग्रह कराने की योजना पर अमल करेंगे.

महत्वपूर्ण है कि जनमत संग्रह से अप्रत्यक्ष तौर पर इसराइल को मान्यता मिल जाएगी जबकि वैचारिक तौर पर हमास इसराइल को मान्यता नहीं देता और इसीलिए वह जनमत संग्रह के ख़िलाफ़. दोनो पक्षों के बीच यही विवाद का मुद्दा है.

महमूद अब्बास के अनुसार यदि हमास उस क्षेत्र में फ़लस्तीनी राष्ट्र बनाने पर सहमत नहीं होता जिसपर 1967 में इसराइल ने कब्ज़ा किया था, तो वे जनमत संग्रह करवाकर ही रहेंगे.

जनमत संग्रह के लिए 26 जुलाई की तारीख़ की घोषणा की जा चुकी है. इसमें फ़लस्तीनियों से पूछा जाएगा कि क्या वे इसके पक्ष में हैं कि इसराइल के साथ झगड़े का हल -- दो अलग राष्ट्र यानि फ़लस्तीन और इसराइल बनाकर किया जा सकता है.

ग़ौरतलब है कि फ़लस्तीनी प्रशासन में इस समय हमास की सरकार है जो इसराइल के अस्तित्व को मान्यता नहीं देता.

उधर इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओल्मर्ट ने फ़लस्तीनी क्षेत्रों में प्रस्तावित जनमत-संग्रह को निरर्थक कहते हुआ उसे परस्पर विरोधी फ़लस्तीनी संगठनों की गुटबाज़ी की संज्ञा दी थी.