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शनिवार, 17 जून, 2006 को 23:28 GMT तक के समाचार

फ़लस्तीनियों को सहायता देने पर सहमति

मध्य पूर्व के मामले में मध्यस्थता कर रहे चार महत्वपूर्ण पक्ष यूरोपीय संघ की फ़लस्तीनियों को सीमित सहायता देने की योजना पर सहमत हो गए हैं.

इन चार अहम पक्षों में यूरोपीय संघ, अमरीका, संयुक्त राष्ट्र और रूस शामिल है.

ग़ौरतलब है कि चुनाव में हमास की जीत के बाद पश्चिमी देशों ने फ़लस्तीनियों की आर्थिक सहायता रोक दी है जिससे उनकी परेशानियाँ बढ़ गईं हैं.

इस योजना के तहत यूरोपीय संघ धनराशि जारी तो करेगा लेकिन उसे हमास के नेतृत्ववाली सरकार को नहीं सौंपा जाएगा.

इस योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाएं, ईंधन की आपूर्ति और ग़रीब फ़लस्तीनियों को बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगीं. लेकिन यह सहायता सीमित अवधि के लिए होगी.

ग़ौरतलब है कि पश्चिमी देशों ने वित्तीय सहायता रोकने के कारण वित्तीय संकट पैदा हो गया है जिसके कारण सैकड़ों प्रशासनिक अधिकारियों को कई महीने से वेतन नहीं मिला है.

पश्चिमी देशों के इस प्रतिबंध की वजह से हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार दीवालियेपन के कगार पर पहुँच गई है.

असहमति

लेकिन फ़लस्तीनी सरकार के एक मंत्री ने यूरोपीय संघ की इस योजना को ख़ारिज कर दिया था.

फ़लस्तीनी प्रशासन के सूचनामंत्री यूसुफ़ रिज़का ने कहा कि अगर लाखों डॉलर की यह राशि सीधे इसी तरह जारी की जाती है तो इससे सरकार, लोगों और राष्ट्रपति महमूद अब्बास के बीच खाई पैदा हो जाएगी.

ग़ौरतलब है कि महमूद अब्बास फ़तह संगठन का नेतृत्व करते हैं और फ़लस्तीनी प्रशासन में सरकार हमास की है और यूरोपीय देश और अमरीका हमास को चरमपंथी संगठन मानते हैं.

यूसुफ़ रिज़का ने कहा कि यूरोपीय संघ की योजना इस लोकतांत्रिक वास्तविकता को भी नज़रअंदाज़ करेगी कि हमास सरकार का चयन मतदान के ज़रिए लोगों ने किया है.