अमरीका और जापान ने उत्तर कोरिया से कहा है कि वह लंबी दूरी तक मार करनेवाली मिसाइल का परीक्षण न करे.
जापान के विदेश मंत्री तारो असो और जापान में अमरीका के राजदूत टॉमस शिफ़र ने कहा कि मिसाइल का परीक्षण गंभीर और भड़कानेवाली कार्रवाई माना जाएगा.
अमरीका का कहना है कि इस तरह को कोई भी परीक्षण उत्तर कोरिया के नेताओं के साथ लंबी दूरी के मिसाइल परीक्षण पर पाबंदी के संबंध में हुई सहमति का उल्लंघन होगा.
जापान और दक्षिण कोरिया के अख़बारों का कहना है कि उत्तर कोरिया एक नई मिसाइल का परीक्षण करने जा रहा है.
माना जा रहा है कि ये मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और लंबी दूरी तक मार कर सकती है. इस मिसाइल का नाम तायपोडॉन्ग टू इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल है.
दक्षिण कोरिया की राजदानी सोल के एक अख़बार का यहाँ तक कहना है कि उत्तर कोरिया के उत्तरी भाग में एक ठिकाने पर इस मिसाइल के परीक्षण की तैयारियाँ भी पूरी हो चुकी हैं.
चिंता
कुछ समय से अमरीका, जापान और दक्षिण कोरिया ने इसको लेकर काफ़ी चिंता व्यक्त की है.
सोल से बीबीसी संवाददाता के अनुसार जानकारों का कहना है कि परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम तायपोडॉन्ग टू मिसाइल 6,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है.
यानी इसकी ज़द में जापान जैसे देश तो आ ही जाएँगे, अमरीका के कुछ भाग भी आ जाएँगे.
अख़बार के अनुसार अमरीकी जासूसी सैटेलाइट से जानकारी मिली है कि मिसाइल के लिए ईंधन भरने की तैयारी भी जारी है.
जानकारों का कहना है कि एक बार अगर मिसाइल में ईंधन डालने की प्रक्रिया शुरू हो गई तो फिर उसे निकालना आसान नहीं होता क्योंकि उससे विस्फ़ोट हो सकता है.
हाल के दिनों में अमरीका, जापान और अमरीका ने इसके विषय में चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि अगर ये परीक्षण किया गया तो उससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है.