शनिवार, 17 जून, 2006 को 12:59 GMT तक के समाचार
जापान और दक्षिण कोरिया के अख़बारों का कहना है कि उत्तर कोरिया एक नई मिसाइल का परीक्षण करने जा रहा है और माना जा रहा है कि ये मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और लंबी दूरी तक मार कर सकती है.
इस मिसाइल का नाम तायपोडॉन्ग टू इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल है.
दक्षिण कोरिया की राजदानी सोल के एक अख़बार का यहाँ तक कहना है कि उत्तर कोरिया के उत्तरी भाग में एक ठिकाने पर इस मिसाइल के परीक्षण की तैयारियाँ भी पूरी हो चुकी हैं.
कुछ समय से अमरीका, जापान और दक्षिण कोरिया ने इसको लेकर काफ़ी चिंता व्यक्त की है.
सोल से बीबीसी संवाददाता चार्ल्स स्कैनलन के अनुसार जानकारों का कहना है कि परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम तायपोडॉन्ग टू मिसाइल 6,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है.
यानी इसकी ज़द में जापान जैसे देश तो आ ही जाएँगे, अमरीका के कुछ भाग भी आ जाएँगे.
दक्षिण कोरिया के राजनयिकों का कहना है कि उत्तर कोरिया के एक ठिकाने पर सारी तैयारियाँ 1998 में की गईं तैयारियों जैसी ही हैं जब पिछली बार ऐसी मिसाइल का परीक्षण किया गया था.
सोल के अख़बार 'चोसुन इल्बो' का कहना है कि इस मिसाइल में जो बूस्टर रॉकेट लगते हैं उन्हें लाँच पैड पर लगा भी दिया गया है, लेकिन इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.
अख़बार के अनुसार अमरीकी जासूसी सैटेलाइट से जानकारी मिली है कि मिसाइल के लिए ईंधन भरने की तैयारी भी जारी है.
जानकारों का कहना है कि एक बार अगर मिसाइल में ईंधन डालने की प्रक्रिया शुरू हो गई तो फिर उसे निकालना आसान नहीं होता क्योंकि उससे विस्फ़ोट हो सकता है.
हाल के दिनों में अमरीका, जापान और अमरीका ने इसके विषय में चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि अगर ये परीक्षण किया गया तो उससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है.
साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम पर चल रही बातचीत पर भी इससे असर पड़ सकता है.