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शुक्रवार, 16 जून, 2006 को 18:10 GMT तक के समाचार

यूरोपीय संघ की मदद योजना ख़ारिज

फ़लस्तीनी सरकार के एक मंत्री ने यूरोपीय संघ की उस योजना को ख़ारिज कर दिया है जिसके तहत हमास की सरकार वाले फ़लस्तीनी प्रशासन को नज़रअंदाज़ करके सहायता राशि सीधे फ़लस्तीनी लोगों को देने की पेशकश की गई है.

फ़लस्तीनी प्रशासन के सूचनामंत्री यूसुफ़ रिज़का ने कहा कि अगर लाखों डॉलर की यह राशि सीधे इसी तरह जारी की जाती है तो इससे सरकार, लोगों और राष्ट्रपति महमूद अब्बास के बीच खाई पैदा हो जाएगी.

ग़ौरतलब है कि महमूद अब्बास फ़तह संगठन का नेतृत्व करते हैं और फ़लस्तीनी प्रशासन में सरकार हमास की है.

यूरोपीय देश और अमरीका हमास को चरमपंथी संगठन मानते हैं.

यूसुफ़ रिज़का ने कहा कि यूरोपीय संघ की योजना इस लोकतांत्रिक वास्तविकता को भी नज़रअंदाज़ करेगी कि हमास सरकार का चयन मतदान के ज़रिए लोगों ने किया है.

इससे पहले शुक्रवार को ही यूरोपीय संघ के नेताओं ने फ़लस्तीनियों की मदद के लिए एक योजना को मंज़ूरी दी जिसके तहत हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार को नज़रअंदाज़ करके सहायता राशि पहुँचाई जाएगी.

इस योजना के तहत स्वास्थ्य, आवश्यक सुविधाओं के लिए फ़लस्तीनियों को कई लाख डॉलर की राशि दी जाएगी.

यूरोपीय संघ के नेताओं की यह बैठक ब्रसेल्स में हुई.

यूरोपीय संघ की एक प्रवक्ता एम्मा उडविन ने कहा कि इस योजना को मध्य पूर्व शांति योजना के चार महत्वपूर्ण पक्षों में से तीन - अमरीका, रूस, संयुक्त राष्ट्र् की भी मान्यता जल्दी ही मिलने की संभावना है.

प्रवक्ता ने कहा कि यूरोपीय संघ शुरू में दस करोड़ यूरो की राशि भेजने पर विचार कर रहा है और राशि जुलाई के शुरू में पहुँचाने की कोशिश की जा रही है.

फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के एक निकट सहयोगी साएब इराकात ने यूरोपीय संघ के इस फ़ैसले का स्वागत किया लेकिन यह भी कहा कि और सहायता राशि की ज़रूरत होगी.

हमास के प्रवक्ता समी अबू ज़ुहरी ने कहा कि फ़लस्तीनियों को मिलने वाली किसी भी सहायता राशि का स्वागत है बशर्ते कि यह बिना किसी पूर्व शर्तों के उपयुक्त सरकारी चैनलों के ज़रिए पहुँचे.

ग़ौरतलब है कि पश्चिमी दानदाता देशों ने हमास की सरकार बनने के बाद फ़लस्तीनी प्रशासन को मिलने वाली सहायता रोक दी थी और शर्त रखी थी कि हमास हिंसा की निंदा करे और इसराइल के वजूद को मान्यता दे.