मंगलवार, 13 जून, 2006 को 08:08 GMT तक के समाचार
इराक़ के उत्तरी शहर किरकुक में हुए पाँच बम धमाकों में कम से कम 16 लोग मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं.
माना जा रहा है कि पाँचो धमाके सुनियोजित तरीके से किए गए.
किरकुक इराक़ की राजधानी बग़दाद से करीब 250 किलोमीटर दूर है.
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक स्थानीय समयानुसार सुबह करीब साढ़े सात बजे किरकुक में पहला धमाका हुआ जिसमें गश्त लगा रहे एक पुलिस दल को निशाना बनाया गया.
इसमें कम से कम 10 लोग मारे गए.
बग़दाद में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये हमले चरमपंथी नेता अबू मुसाब अल ज़रकावी की मौत का बदला लेने की अल क़ायदा की कार्रवाई हो सकती है.
एक पर्यवेक्षक ने बीबीसी को बताया कि आम तौर पर छापामार विद्रोहियों के पास इतने संसाधन नहीं होते हैं कि वे इस तरह के सुनियोजित धमाके करें.
धमाके
पहले धमाके के करीब आधे घंटे बाद कार में सवार एक संदिग्ध आत्मघाती हमलावर ने पुलिस मुख्यालय में घुसने की कोशिश की.
जवाब में पुलिस ने कार पर गोलीबारी की और वाहन में विस्फोट हो गया.
ब्रिगेडियर जनरल क़ादिर के मुताबिक इस दूसरे धमाके में दो पुलिसकर्मियों और तीन नागरिकों समेत पाँच की मौत हो गई.
इराक़ के राष्ट्रपति तालबानी की पार्टी के मुख्यालयों को भी निशाना बनाया गया था. लेकिन इस हमले को नाकाम कर दिया गया.
इसके अलावा एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के घर के बाहर भी दो धमाके हुए. इसमें पुलिस अधिकारी घायल हो गया जबकि उनके अंगरक्षक की मौत हो गई.
मृतकों की संख्या बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है.
किरकुक शहर में अरब, कुर्द और तुर्क मूल के लोग रहते हैं और ये सभी समुदाय शहर और तेल संपन्न आस पास के क्षेत्रों पर अपना दावा करते आए हैं.
संवाददाताओं के मुताबिक इराक़ के अन्य शहरों की तुलना में किरकुक में बम धमाकों की घटनाएँ काफ़ी कम हुई हैं.
लेकिन विद्रोहियों ने यहाँ अकसर पुलिस को अपना निशाना बनाया है.