शुक्रवार, 09 जून, 2006 को 18:22 GMT तक के समाचार
अमरीकी सेना के अनुसार चरमपंथी नेता अबू मूसब अल ज़रकावी हवाई हमलों में बुरी तरह घायल होने का बाद भी उस समय तक जीवित थे जब इराक़ी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी.
मेजर जनरल विलियम काल्डवेल ने कहा कि ज़रकावी हवाई हमलों में बुरी तरह घायल हुए थे और इन्हीं चोटों से उनकी जान गई.
अमरीकी विमानों ने बुधवार को बकूबा में ज़रकावी के गुप्त ठिकाने पर 230 किलो के दो बम गिराए थे.
जनरल काल्डवेल ने बताया कि अमरीकी सेना के पहुंचने के बाद ज़रकावी ने स्ट्रेचर से भी हटने की कोशिश की जिस पर उन्हें लिटाया गया था.
काल्डवेल ने कहा कि सैनिकों ने ज़रकावी को स्ट्रेचर से हटने नहीं दिया लेकिन उसके कुछ ही क्षणों बाद ज़रकावी की मौत हो गई क्योंकि वह बुरी तरह घायल थे.
अमरीकी अधिकारियों ने पहले कहा था कि ज़रकावी हमले में ही मारे गए थे.
हवाई हमलों के बाद भी ज़रकावी के बचे रहने के बारे में और जानकारी देते हुए जनरल काल्डवेल ने बताया कि ज़रकावी ने मरने से पहले कुछ कहा था जिसे कोई समझ नहीं पाया.
काल्डवेल के अनुसार अमरीकी सेना ने ज़रकावी के शरीर के चिन्हों और चेहरे से उनकी पहचान की.
यह पूछे जाने पर कि इतने बड़े हमले के बाद भी ज़रकावी कुछ देर जीवित कैसे बचे रहे तो जनरल ने कहा कि वो इस बारे में कुछ नहीं जानते.
इस हमले में ज़रकावी के अलावा पांच और लोगों की मौत हुई है.
ज़रकावी के बाद
अमरीकी राष्ट्रपति जार्ज बुश ने ज़रकावी की मौत के बाद कहा कि यह अल क़ायदा के लिए बड़ा धक्का है लेकिन इससे आतंकवाद के ख़िलाफ युद्ध समाप्त नहीं होगा.
बुश ने यह भी कहा कि ज़रकावी की मौत से इराक़ में हो रही हिंसा रुकने वाली नहीं लेकिन हां ज़रकावी की मौत से हिंसा रोकने में मदद ज़रुर मिलेगी.
संवाददाताओं का कहना है कि ज़रकावी की मौत से इराक़ी सरकार और बुश प्रशासन ने राहत की सांस ली है.
इराक़ के प्रधानमंत्री ने वादा किया है कि ज़रकावी की मौत के बाद सुरक्षा की स्थिति को और बेहतर किया जाएगा.
प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने ब्रिटेन के टाइम्स अख़बार के कॉलम में लिखा है कि वो ब़गदाद को सुरक्षित करेंगे और हिंसा पर काबू करने की कोशिश करेंगे.