गुरुवार, 08 जून, 2006 को 09:45 GMT तक के समाचार
इंडोनेशिया का माउंट मेरापी ज्वालामुखी फ़िर सक्रिय हो गया है. इससे निकल रहे गर्म गैसों के मद्देनज़र 15 हजार लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुँचा दिया गया है.
विशेषज्ञों की राय में माउंट मेरापी से इस तरह गैसों का गुब्बारा निकलते हुए कभी नहीं देखा गया था.
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में मौजूद बीबीसी संवाददाता के अनुसार स्थानीय अधिकारी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं.
इस ज्वालामुखी से पिछले महीने राख और गैस निकलना शुरू हुआ था. वैज्ञानिकों को लगता है कि हाल ही में आए भूकंप से इसकी सक्रियता बढ़ सकती है.
दो हफ़्ते पहले योग्यकर्ता में आए भूकंप में 6200 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. इस भूकंप से हुई तबाही के बाद व्यापक स्तर पर राहत और पुनर्वास कार्यक्रम चलाया जा रहा है.
लेकिन इसमें सहयोग कर रही स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को डर है कि मेरापी की तलहटी में एक बार फिर इस तरह की प्राकृतिक विपदा आ सकती है.
लावा
कई हफ़्तों से निकल रहे गैस, राख और लावा को वैज्ञानिक बड़ा विस्फोट होने से ठीक पहले की स्थिति बता रहे हैं.
गुरुवार को ज्वालामुखी से गैसों का निकलना तेज़ हो गया और यह तीन मील दूर तक पहुँच गया.
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ ज्वालामुखी के मुहाने यानी क्रेटर का कुछ हिस्सा टूट गया है जिससे लावा अलग-अलग दिशाओं में बहने लगा है.
संभावित ख़तरे को देखते हुए मेरापी के दक्षिणी और पश्चिमी किनारों पर स्थित गाँवों से 15 हज़ार लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुँचा दिया गया है.
इंडोनेशिया की सरकार ने तीन हफ़्ते पहले ही ज्वालामुखी विस्फ़ोट की चेतावनी जारी करते हुए इसके क्रेटर के पास की आबादी को सरकारी कैंपों में भेजना शुरू कर दिया था.