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गुरुवार, 08 जून, 2006 को 11:42 GMT तक के समाचार

संयुक्त राष्ट्र और अमरीका में ठनी

संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत जॉन बोल्टन ने अमरीकी नीति पर सवाल उठाने के कारण संयुक्त राष्ट्र उप प्रमुख की आलोचना की है.

संयुक्त राष्ट्र के उप प्रमुख मार्क मलोच ब्राउन ने कहा था कि अमरीका घरेलू मोर्चे पर होने वाली संयुक्त राष्ट्र की आलोचना की परवाह नहीं करता. उन्होंने यहाँ तक कहा कि अमरीका अपने कूटनीतिक फ़ायदे के लिए संयुक्त राष्ट्र का इस्तेमाल करता है.

जॉन बोल्टन ने ब्राउन की टिप्पणी को भारी ग़लती बताया है और संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान से अपील की है कि वे मार्क ब्राउन के बयान को ख़ारिज़ करें.

लेकिन कोफ़ी अन्नान के एक प्रवक्ता का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव उप प्रमुख के बयान से सहमत हैं, जो अमरीका से अपील कर रहे थे कि वे इस मामले में सजग भूमिका निभाए.

जानकारों का कहना है कि विवाद का संबंध इस संभावना से है जिसमें कहा जा रहा है कि अगर संयुक्त राष्ट्र संघ अपने प्रबंधन में सुधार नहीं करता तो अमरीका अपनी ओर से किए जाने वाले भुगतान को रोक सकता है.

वित्तीय कमी

न्यूयॉर्क से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस महीने के अंत तक संयुक्त राष्ट्र को वित्तीय कमी से जूझना पड़ा सकता है और अमरीका सुधार के मुद्दे पर प्रगति न होने के कारण अपना भुगतान रोक सकता है.

इस विवाद को मार्क मलोच ब्राउन के बयान से और हवा मिली है. मंगलवार को ब्राउन ने कहा था, "ज़्यादातर अमरीकी जनता के पास जो आवाज़ पहुँचती है, वो इसके कड़े आलोचक रूस लिम्बॉव और फ़ॉक्स न्यूज़ के माध्यम से पहुँचती है."

उन्होंने कहा कि बिना किसी परवाह के लगातार हो रही संयुक्त राष्ट्र की खिंचाई जारी नहीं रह सकती. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र को एक नहीं तो दूसरे तरीक़े से आप खो देंगे.

मार्क ब्राउन की टिप्पणी पर संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने संगठन के बजट संकट की ओर ही इशारा किया था और चेतावनी दी थी.

लेकिन इस टिप्पणी पर नाराज़ अमरीकी राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को कहा है कि यह किसी संयुक्त राष्ट्र अधिकारी की सबसे गंभीर ग़लती है.