बुधवार, 07 जून, 2006 को 08:49 GMT तक के समाचार
दुनिया में प्रवासियों के बारे में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अपना देश छोड़कर अन्य देशों में काम करने के लिए जाने वाले लोगों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है.
अनुमान लगाया गया है कि साल 2005 तक दुनिया में प्रवासियों की संख्या लगभग 19 करोड़ थी. इस संख्या में वर्ष 1990 से लेकर साल 2005 तक लगभग 25 प्रतिशत वृद्धि हुई है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान का कहना है, "आधे से ज़्यादा प्रवासी विकसित देशों में जाते हैं लेकिन लगभग सात करोड़ लोग विकासशील देशों में भी गए हैं."
फ़िलीपींस और सर्बिया-मांटिनीग्रो जैसे देशों में तो प्रवासी जो रक़म अपने देश वापस भेजते हैं वह राष्ट्रीय आमदनी का लगभग आधा हिस्सा है.
प्रवासियों से जुडे कुछ तथ्य
2005 में प्रवासियों ने कुल 230 अरब डॉलर अपने देशों में बसे अपने परिवारों को वापस भेजे थे.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान का कहना था, "अंतरराष्ट्रीय प्रवर्जन को यदि सही नीतियों का समर्थन मिले तो यह उन देशों के लिए भी अत्यंत लाभदायक हो सकता है जहाँ से लोग आते हैं और उन देशों के लिए भी जहाँ वे जाते हैं."
लेकिन उनका ये भी कहना था कि लाभ तभी होगा यदि प्रवासियों के अधिकारों का सम्मान किया जाता है.
'ब्रेन ड्रेन' यानी प्रतिभा पलायन का ज़िक्र करते हुए अन्नान का कहना था कि गुयाना, हेती और जमैका जैसे देशों से अब लगभग 60 प्रतिशत उच्च शिक्षा प्राप्त लोग देश के बाहर रहते हैं.
इस रिपोर्ट में एक स्थायी मंच स्थापित करने का सुझाव दिया गया है ताकि सरकारें अपनी-अपनी नीतियों की तुलना कर सकें.