बुधवार, 07 जून, 2006 को 02:42 GMT तक के समाचार
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में पेश किए गए अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों पर ईरान की प्रारंभिक प्रतिक्रिया सकारात्मक है.
इन प्रस्तावों के बारे में ईरान के वार्ताकार ने कहा था कि कुछ प्रस्ताव सकारात्मक हैं लेकिन कुछ प्रस्तावों में कई तरह की अस्पष्टताएँ भी हैं.
इन प्रस्तावों को संयुक्त राष्ट्र के पाँच स्थायी सदस्यों और जर्मनी का समर्थन हासिल है.
यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख हाविए सोलाना ने इन छह देशों के प्रस्ताव ईरान के वार्ताकार के समक्ष तेहरान में रखे और ईरान की प्रतिक्रिया को 'रचनात्मक' बताया था.
लेकिन बीबीसी के कूटनीतिक संवाददाता का कहना है कि इन सकारात्मक शब्दों के बाद, बहुत ही कठिन वार्ताओं और तोल-मोल का दौर शुरु हो सकता है.
'समय ही बताएगा'
अमरीकी राष्ट्रपति बुश का कहना था कि ईरान की प्रतिक्रिया में उन्हें आशा की किरण नज़र आती है लेकिन उन्होंने या भी कहा कि समय ही बताएगा कि ईरानी इस मुद्दे पर कितने गंभीर हैं.
उनका कहना था कि वे इस संकट का हल कूटनीतिक के ज़रिए निकालना चाहते हैं.
उनका कहना था, "उन्हें किसी एक विकल्प को चुनना है. मैं कह चुका हूँ कि अमरीका उनके साथ बातचीत के लिए तैयार है, शर्त केवल एक है कि वे यूरेनियम संवर्द्धन का काम बंद करें और इसका प्रमाण हो."
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बहुत समय में अमरीका और ईरान के बयानों में इतना सकारात्मक रुख़ नज़र नहीं आया.
पश्चिमी देशों के राजनयिकों ने बीबीसी को बताया है कि ईरान के सामने जो प्रस्ताव रखे गए हैं उनमें ईरान को विमानों के कलपुर्ज़े ख़रीदने देने की अनुमति और उसे संवर्द्धित ईंधन और लाइट वॉटर परमाणु उपकरण उपलब्ध करवाना शामिल हैं.