मंगलवार, 06 जून, 2006 को 16:58 GMT तक के समाचार
इराक़ की राजधानी बग़दाद के प्रमुख शवगृह में इस साल 6,000 से ज़्यादा लाशें लाईं गईं हैं और माना जा रहा है कि अधिकतर लोगों की मौत जातीय हिंसा में हुई है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार इराक़ की वर्तमान स्थिति की भयावह तस्वीर उभरती है.
हर महीने ये संख्या बढ़ती जा रही है और पिछले महीने सबसे ज़्यादा शव इस शवगृह में लाए गए हैं. इस साल जनवरी में वहाँ 1000 से ज़्यादा शव लाए गए थे तो पिछले महीने 1500 शव लाए गए.
इस शवगृह का नज़ारा भी कम ख़ौफ़नाक नहीं.
हर दिन बग़दाद और उसके आसपास के लोग यहाँ आते हैं ये देखने कि उनके घर लौटकर न आए उनके भाई, बहन या पिता का शव तो कहीं यहाँ नहीं है.
कई यहाँ आकर देखते हैं कि उनके रिश्तेदार को मारने से पहले उनपर अत्याचार भी किए गए.
अभी हाल ही में बक़ूबा में पुलिस को प्लास्टिक की चादरों में लिपटे और फलों के डिब्बे में रखे नौ कटे सिर मिले थे.
बग़दाद के ये आँकड़े सबसे पहले दो स्थानीय अख़बारों में आए. समाचार पत्रों ने अपने सूत्र नहीं बताए थे.
फिर जब बीबीसी ने सरकारी अधिकारियों से सच जानना चाहा तो उन्होंने माना कि ये आँकड़े सही हैं लेकिन यह बात उन्होंने अपना नाम न बताने की शर्त पर कही.
इससे पहले बग़दाद के इस शवगृह के निदेशक को आँकड़े बताने के बाद जान से मार डालने की धमकी मिली थी जिसके बाद वो जान बचाने के लिए भाग गए थे.
आँकड़े छिपाने के पीछे एक कारण ये है कि सरकार को डर है कि इनकी जानकारी सार्वजनिक हो जाने के बाद जातीय हिंसा बढ़ सकती है.
लेकिन कोई नहीं मानता कि ये आँकड़े पूरी तस्वीर बयान करते हैं क्योंकि कई लाशें तो शवगृहों तक पहुँच भी नहीं पातीं हैं.