सोमवार, 05 जून, 2006 को 21:55 GMT तक के समाचार
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने इसराइल के साथ-साथ फ़लस्तीनी राष्ट्र के अस्तित्व को लेकर जनमत संग्रह करवाने पर फ़ैसला करने के लिए हमास को सप्ताहांत का समय दिया है.
फ़लस्तीनी मुक्ति संगठन यानि पीएलओ फ़लस्तीनी नेता अब्बास के जनमतसंग्रह के प्रस्ताव को अपनी सहमति दे चुका है.
इस नए शांति प्रस्ताव में इसराइल को एक अलग देश के रूप में मान्यता देने की बात है और पूरी योजना पर जनमत संग्रह कराए जाने की भी बात है.
उल्लेखनीय है कि हमास इसराइल को मान्यता देने को राज़ी नहीं है और हमास नेता और फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया ने साफ़ किया है कि वे कोई जनमत संग्रह नहीं होने देंगे.
हालांकि जनमत संग्रह से सिर्फ़ जनता की राय का पता चलेगा और ये सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं होगा.
इस मसले पर हमास और महमूद अब्बास की पार्टी फ़तह पार्टी के बीच पिछले एक हफ़्त से बात चल रही थी और हल के लिए सोमवार की रात तक की समय सीमा रखी गई थी.
तनाव और मतभेद
पिछले साल जनवरी में हुए चुनाव के बाद से हमास और फ़तह के बीच तनाव का माहौल है.
फ़तह तो इसराइल को मान्यता देता है लेकिन हमास इससे इंकार करता है.
अब्बास चाहते हैं कि इसराइल को मान्यता देकर स्वतंत्र फ़लस्तीनी राष्ट्र का रास्ता साफ़ किया जाए. अमरीका और यूरोपीय संघ ने जो रोड मैप तैयार किया था, उसमें भी यही कहा गया था.
प्रस्तावित जनमत संग्रह में फ़लीस्तीनियों से यह पूछा जाएगा कि क्या वे इसराइल के साथ लगे पश्चिमी तट, गज़ा पट्टी और पूर्वी येरुशलम में एक फ़लस्तीनी राष्ट्र की स्थापना के पक्ष में हैं.
हालांकि महमूद अब्बास का कहना है, "जनमत संग्रह कोई लक्ष्य नहीं है, वो तो एक रास्ता भर है."
उधर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ़लस्तीनी प्रशासन और इसराइल दोनों के बीच इस मसले का हल निकाले जाने का दबाव है.
सत्तारूढ़ हमास को लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का बड़ा दबाव है और उन्होंने आर्थिक सहायता बंद कर रखी है.
सोमवार को सरकारी कर्मचारियों को तीन महीने में पहली बार तनख़्वाह मिली है.