शनिवार, 03 जून, 2006 को 02:15 GMT तक के समाचार
एक जाँच के बाद अमरीकी सेना ने इराक़ी शहर इस्हाक़ी में नागरिकों को ग़लत ढंग से मारने के आरोपों से अपने सैनिकों को मुक्त कर दिया है.
अमरीकी सेना के प्रवक्ता जनरल विलियम काल्डवेल ने कहा है कि ये आरोप 'बिल्कुल ग़लत' है कि सैनिकों ने एक घर में घुसकर परिवार के लोगों को मारा और फिर इसे छिपाने की कोशिश की.
बीबीसी को मिले एक वीडियो के बाद ये विवाद एक बार फिर उभर गया था. इस वीडियो से ऐसा लगता था कि अमरीकी सेनाएँ ही 11 निर्दोष इराक़ी नागरिकों की हत्या की ज़िम्मेदार हैं.
इस्हाक़ी में एक घर में 11 नागरिकों की कथित मौत की जाँच उस समय हुई है जब अमरीकी सेना हदीसा में हत्या के एक बड़े आरोप की जाँच कर रही है.
इस बीच अमरीकी सेना ने अपने सैनिकों के लिए नैतिक मूल्यों की शिक्षा की व्यवस्था करने की घोषणा भी की है.
जाँच
सेना का कहना है कि उत्तरी बग़दाद के इस्हाक़ी शहर में अलक़ायदा के बारे में मिली एक सूचना के बाद उन्होंने एक मकान पर हमला किया था.
सेना का कहना है कि मकान ध्वस्त हो गया था और मलबे में चार लोगों के शव मिले थे.
लेकिन इराक़ी पुलिस का कहना है कि सेना घर में ज़बरदस्ती घुस गई और परिवार के 11 लोगों को गोली मार दी.
अमरीकी जाँच के बाद कहा गया है कि एक विद्रोही सहित चार लोगों के शव छापे के बाद मिले थे लेकिन छापे में नौ लोगों की मौत हुई थी.
जाँच रिपोर्ट में कहा गया है कि छापे की इस कार्रवाई में मारे गए लोगों की संख्या का ठीक-ठीक पता नहीं चल सका क्योंकि दीवारें ढह गई थीं और मलबा बिखरा हुआ था.
मेजर जनरल काल्डवेल ने कहा कि सेना ने सही प्रक्रिया का पालन किया था.
पेंटागन ने इस जाँच की रिपोर्ट उस वीडियो के बाज जारी किया है, जिसे बीबीसी ने जारी किया था.