शनिवार, 03 जून, 2006 को 14:29 GMT तक के समाचार
इराक़ सरकार ने बग़दाद के उत्तर में स्थित इस्हाक़ी शहर में कुछ नागरिकों की मौत के मामले में अमरीकी सैन्य जाँच दल की रिपोर्ट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है.
बीबीसी टेलीविज़न पर दिखाए गए एक वीडियो के बाद आरोप लगा था कि इस्हाक़ी में अमरीकी सैनिकों ने नागरिकों को ग़लत ढंग से मारने के बाद इमारत को गिरा दिया था.
अमरीकी सैन्य जाँच दल ने शुक्रवार को जारी की एक रिपोर्ट में अपने सैनिकों को इन आरोपों से मुक्त कर दिया था.
लेकिन इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के एक निकट सहयोगी ने अमरीकी सैन्य जाँच दल की रिपोर्ट के निष्कर्षों को मानने से इनकार कर दिया है.
इराक़ी प्रधानमंत्री के एक प्रवक्ता अदनान अल काज़िमी ने कहा है कि अमरीकी सैन्य जाँच दल की इस्हाक़ी रिपोर्ट पक्षपातपूर्ण है और सरकार इस घटना के लिए माफ़ी और मुआवज़ा दिए जाने की माँग रखेगी.
अदनान अल काज़िमी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि एक से ज़्यादा स्रोतों से यह जानकारी मिली है कि उस घर में लोगों की मौत ऐसे हालात में हुई जिन पर बहुत से सवाल खड़े होते हैं.
उन्होंने कहा कि इस्हाक़ी गोलीबारी में जो इराक़ी लोग और बच्चे मारे गए उनके लिए यह रिपोर्ट निष्पक्ष नहीं है.
निष्कर्ष
अमरीकी जाँच दल की रिपोर्ट में कहा गया कि इस्हाक़ी शहर में एक लड़ाई के दौरान 12 आम इराक़ी मारे गए थे लेकिन अमरीकी सैनिकों ने कुछ भी ग़लत नहीं किया था.
अमरीकी सेना के प्रवक्ता जनरल विलियम काल्डवेल ने कहा है कि ये आरोप 'बिल्कुल ग़लत' है कि सैनिकों ने एक घर में घुसकर परिवार के लोगों को मारा और फिर इसे छिपाने की कोशिश की.
बीबीसी को मिले एक वीडियो के बाद ये विवाद एक बार फिर उभर गया था. इस वीडियो से ऐसा लगता था कि अमरीकी सेनाएँ ही 11 निर्दोष इराक़ी नागरिकों की हत्या की ज़िम्मेदार हैं.
अमरीकी सेना का कहना है उसके सैनिकों को मार्च 2005 में ख़ुफ़िया सूचना मिली थी कि इस्हाकी शहर के एक घर में अल क़ायदा के कुछ सदस्य आने वाले हैं.
जिसके बाद अमरीकी सैनिकों ने हमले की योजना बनाई थी. अमरीकी सैनिकों का कहना है कि वहाँ भीषण लड़ाई हुई और उसमें चार लोग मारे गए जिनमें अल क़ायदा एक संदिग्ध सदस्य भी था.
लेकिन इराक़ी पुलिस का आरोप है कि अमरीकी सैनिकों ने उस घर में मौजूद जानबूझकर गोलियों से 11 लोगों को मार दिया था. गोलीबारी में मारे गए लोगों में एक महिला और एक बच्चा भी था.