गुरुवार, 01 जून, 2006 को 23:26 GMT तक के समाचार
बीबीसी को एक नया वीडियो मिला है जिससे ऐसा लगता है कि अमरीकी सेनाएँ बग़दाद के उत्तर में स्थित शहर इशाक़ी में 11 निर्दोष इराक़ी नागरिकों की हत्या की ज़िम्मेदार हैं. मारे गए लोगों में महिलाएँ और बच्चे भी थे.
इस वीडियो से अमरीकी सेना के उस दावे को चुनौती मिल सकती है जिसमें इस साल मार्च में एक सैन्य अभियान के दौरान चार लोगों के मारे जाने की बात कही गई थी.
अमरीकी सेना ने शुरुआत में दावा किया था कि ऐसी सूचनाओं के बाद कि एक घर में अल क़ायदा के लोग हो सकते हैं, भारी गोलीबारी हुई जिससे मकान गिर गया और चार लोग मारे गए.
इसमें एक संदिग्ध व्यक्ति, दो महिलाएँ और एक बच्चा शामिल था.
लेकिन इराक़ी पुलिस ने दावा किया कि अमरीकी सैनिकों ने मकान ध्वस्त करने से पहले जानबूझकर उस घर के 11 लोगों को गोली मार दी थी. इसमें पांच बच्चे और चार महिलाएँ शामिल थे.
बीबीसी को मिले वीडियो सबूतों से भी ऐसा लगता है कि अधिकतर लोगों को गोली मारी गई थी. बीबीसी ने इस दौरान घटनास्थल की अन्य तस्वीरों से भी इनका मिलान किया है.
ये तस्वीरें एक सुन्नी गुट ने उपलब्ध कराईं हैं जो साझा सेनाओं का इराक़ में विरोध कर रहा है.
अमरीकी सेना के एक प्रवक्ता ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि इन आरोपों की जाँच की जाएगी.
हदीसा का मामला
दूसरी ओर अमरीकी सेना इराक़ के एक अन्य शहर हदीसा में एक कथित नरसंहार के आरोपों से अलग जूझ रही है.
ऐसे आरोप हैं कि नवंबर,2005 में अमरीकी सैनिकों ने 24 इराक़ी नागरिकों की हत्या कर दी थी.
हदीसा नरसंहार का मामला तूल पकड़ने के बाद अमरीकी सरकार ने इस मामले की जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक करने का वादा किया था.
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने भी घोषणा की थी कि उनकी सरकार अपनी ओर से भी इन आरोपों की जाँच करवाएगी और दोषियों को सज़ा मिलेगी.
हदीसा में भी शुरुआत में चरमपंथियों से मुठभेड़ की बात कही गई थी. उस समय 15 नागरिकों और आठ चरमपंथियों के मारे जाने की ख़बर आई थी.
प्रेक्षकों का कहना है कि ये घटनाएं अमरीका की छवि को नुकसान पहुँचा सकती हैं.