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बुधवार, 31 मई, 2006 को 09:48 GMT तक के समाचार

'हदीसा की जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक होगी'

इराक़ में हदीसा नरसंहार का मामला तूल पकड़ने के बाद अमरीकी सरकार ने इस मामले की जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक करने का वादा किया है.

उधर इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कहा है कि उनकी सरकार अपनी ओर से भी इन आरोपों की जाँच करवाएगी.

उन्होंने कहा कि दोषियों को सज़ा मिलेगी.

हदीसा में हुई हत्याओं के पीछे शुरूआत में चरमपंथियों से हुई मुठभेड़ को कारण बताया गया था. उस समय 15 नागरिकों और आठ चरमपंथियों के मारे जाने की ख़बर थी.

पर्यवेक्षकों का कहना है कि ये घटना अमरीका की छवि को अबू गरेब कांड से भी ज़्यादा नुकसान पहुँचाएगी.

नूर मलिकी ने बीबीसी को बताया है कि इराक़ी नागरिक 'एक ग़लत अभियान' का शिकार हुए हैं.

क़त्ल हुआ?

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हदीसा घटना के बारे में काफ़ी बातें अमरीकी मीडिया को लीक की गई हैं. इससे कई अमरीकियों को संकेत मिला है कि क़त्ल के कथित आरोप काफ़ी गंभीर हैं और सच भी हो सकते हैं.

अमरीकी जाँचकर्ता 19 नवंबर को हदीसा में हुई घटना के दोनों पहलुओं की पड़ताल कर रहें हैं- असल घटना और अमरीकी सेना द्वारा कथित तौर पर पेश की गई घटना.

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक इस बात के सुबूत हैं कि अमरीकी सैनिकों ने बच्चों और महिलाओं समेत कई आम नागरिकों को मारा.

हदीसा में घटना के समय मौजूद एक मरीन ने लॉस एंजेलेस अख़बार को बताया कि उन्होंने उस दिन तस्वीरें भी लीं थी और कई लोगों के शव उनके घर से निकाले भी थे.

अमरीकी राष्ट्रपति के मुख्य सैन्य सलाहकार जनरल पीटर पेस ने सोमवार को कहा है कि जाँच के नतीजों के बारे में कुछ बोलना जल्दबाज़ी होगी और अगर आरोप सच साबित होते हैं तो उचित क़दम उठाए जाएँगे.