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बुधवार, 31 मई, 2006 को 18:01 GMT तक के समाचार

अमरीका की बातचीत की पेशकश

अमरीका ने कहा है कि यदि ईरान अपनी विवादास्पद परमाणु गतिविधियों को बंद कर दे तो वह उसके साथ सीधे बातचीत के लिए तैयार है.

अमरीकी विदेश मंत्री कोंडीलीज़ा राइस ने कहा कि अमरीका यूरोपीय देशों के साथ बातचीत में शामिल हो सकता है बशर्ते ईरान अपना परमाणु संवर्द्धन कार्यक्रम बंद कर दे.

दूसरी ओर राष्ट्रपति बुश ने कहा कि उन्हें अब भी भरोसा है कि यह मुद्दा कूटनीति के माध्यम से हल किया जा सके.

लेकिन ईरान की सरकारी एजेंसी का कहना है कि अमरीका का ये प्रस्ताव केवल प्रचार का एक शगूफा मात्र है क्योंकि ईरान ने बार-बार यही कहा है कि वह यूरेनियम संवर्द्धन कार्यक्रम आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.

इससे पहले जिस तरह ईरान को अमरीका ने चेतावनी दी थी उसे देखते हुए आश्चर्य नहीं होता कि इस नए प्रस्ताव पर ईरान की पहली प्रतिक्रिया सावधानी से भरी थी. लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि ईरान का इस प्रस्ताव पर आधिकारिक रुख़ क्या है.

नीति में बदलाव

दूसरी ओर विशेषज्ञों का मानना है कि अमरीका की यह घोषणा उसकी नीति में बदलाव का संकेत है क्योंकि 1979 के बाद उसका बहुत कम संपर्क ईरान से रहा है.

ग़ौरतलब है कि अमरीका ने ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम मुद्दे पर सीधे तौर पर बातचीत में हिस्सा लेने की बात पहली बार कही है.

अमरीकी विदेश मंत्री राइस ने तो साफ़ तौर से घोषणा की, "जैसे ही ईरान यूरेनियम संवर्द्धन और अन्य परमाणु गतिविधियाँ रोकता है, अमरीका बातचीत के लिए तैयार होगा."

पहले से ही तैयार एक बयान में राइस ने ईरान से आग्रह किया है कि वह उनके प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करे.

अमरीकी अधिकारियों ने कहा है कि राइस का बयान स्विस दूत के ज़रिए ईरान तक पहुँचाया जाएगा.

अमरीका की यह पेशकश ऐसे समय आई है जब यूरोपीय संघ के देश गुरुवार को ईरान परमाणु संकट पर वियना में बातचीत करने वाले हैं.

उल्लेखनीय है कि अमरीका का 1979 की ईरानी इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान के साथ कोई राजनयिक संबंध नहीं है.