शनिवार, 27 मई, 2006 को 03:30 GMT तक के समाचार
अधिकारियों का कहना है कि बर्मा की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची की हिरासत बढ़ा दी गई है.
उन्हें पिछले कई वर्षों से नज़रबंद रखा गया है और उनकी हिरासत की अवधि शनिवार समाप्त हो रही थी.
यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी हिरासत छह महीने के लिए बढ़ाई गई है या फिर एक साल के लिए.
उनके समर्थक उनकी शनिवार को रिहाई की उम्मीद कर रहे थे. इधर हथियारबंद सुरक्षाबलों ने राजधानी रंगून में उनके घर को घेर लिया है और रास्ते में नाकेबंदी कर दी गई है.
पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी बर्मा की राजधानी रंगून गए थे और तब बर्मा के शासकों ने उनको आंग सान सू ची से मिलने दिया था.
पिछले तीन वर्षों में ये पहला मौक़ा था जब आंग सान सू ची का किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क हुआ था.
बाद में बर्मा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि सू ची को रिहा करने से किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं फैलेगी क्योंकि अब देश में उनके ज़्यादा समर्थक नहीं रह गए हैं.
हालांकि पहले भी आंग सान सू ची को रिहा किया गया है लेकिन जब भी सरकार को ख़तरा लगा तो उन्हें फिर से बंद कर दिया गया.
माना जा रहा था कि बर्मा की सैनिक सरकार आंग सान सू ची को रिहा कर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की नज़रों से बचने की कोशिश कर सकती है.
इसके पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने बर्मा की सैनिक सरकार से आग्रह किया था कि वह लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची को रिहा करे ताकि वे बर्मा के नए संविधान को बनाने की प्रक्रिया में भाग ले सकें.
लेकिन बर्मा में 1988 में सत्ता अपने हाथ में लेनेवाले सैनिक शासकों ने इसके पहले न तो लोकतांत्रिक सुधार और न ही आंग सान सू ची की रिहाई के बारे में किसी अंतरराष्ट्रीय अपील पर ध्यान दिया है.