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शनिवार, 27 मई, 2006 को 16:54 GMT तक के समाचार

इंडोनेशिया में भूकंप, राहत कार्य ज़ोरों पर

इंडोनेशिया में अधिकारियों का कहना है कि जावा द्वीप में आए ज़बरदस्त भूकंप में मृतकों की संख्या 3000 से ज़्यादा हो गई है.

राहत कार्यों का मुआयना करने के लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुसीलो बंबांग ने सबसे ज़्यादा प्रभावित योगजकार्ता शहर का दौरा किया है. उन्होंने कहा है कि लोगों को जिंदा बचाना पहली प्राथमिकता है.

अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस का अनुमान है कि करीब दो लाख लोग अपना घर छोड़कर चले गए हैं.

योगजकार्ता शहर भूकंप से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है. भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई है.योगजकार्ता इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से करीब 440 किलोमीटर दूर है.

भूकंप के चलते कम से कम 2900 लोग घायल हुए हैं. आशंका जताई जा रही है कि कई लोग अभी भी मलबे तले दबे हुए हैं.

इंडोनेशिया में भारतीय नागरिक सुरक्षित

संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने भूकंप के चलते हुए नुकसान पर खेद प्रकट किया है. संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ समेत कई देशों ने सहायता देने की बात कही है.

मलबे के चलते सड़क मार्ग अवरुद्ध हैं जिसके चलते राहत कार्य में बाधा आ रही है.

अधिकारियों के मुताबिक जो इलाक़ा भूकंप से प्रभावित हुआ है वो तटीय क्षेत्र था लेकिन भूकंप के चलते सूनामी नहीं आई है.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भूकंप के केंद्र योगजकार्ता में कई इमारतें ढह गई हैं और लोगों को घरों को छोड़कर भागना पड़ा.

वीडियो: भूकंप के बाद अफ़रातफ़री

ये भी बताया जा रहा है कि भूकंप का कारण ज्वालामुखी में हुई हलचल नही है. योगजकार्ता माउंट मेरापी ज्वालामुखी के करीब है.

ज़बरदस्त झटके

स्थानीय रेडियो का कहना है कि घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और अस्पताल इनसे भरे हुए हैं.

जावा में प्लैन इंटरनेशनल चिल्ड्रंस चैरिटी संस्था के अधिकारी ब्रुक वीसमैन ने बताया," भूकंप काफ़ी ज़बरदस्त था, लोगों का कहना है कि ऐसा भूकंप उन्होंने अपने जीवन में नहीं देखा."

उन्होंने कहा, "मेरे आसपास का फ़र्नीचर गिरने लगा, कॉक्रीट के टुकड़े मेरे होटल के कमरे से गिरने लगे और लोगों ने रात में जो कपड़े पहने हुए थे वही पहने हुए अफ़रातफ़री में भाग रहे थे."

पुलिस का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र में बिजली और संचार व्यवस्था ठप पड़ गई है.

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने सेना को निर्देश दिए हैं कि वो पीड़ित लोगों को निकालने में मदद करे.

इंडोनेशिया में भूकंप

घायल

योगजकार्ता में एक अस्पातल कर्मचारी सुबंदो ने रॉयटर्स के बताया कि भूकंप आने के बाद भी कई बार झटके महसूस किए गए जिसके चलते घायलों को अस्पताल के बजाय बाहर रखा गया है.

सुबंदो का कहना था, "जब भी झटके आते हैं अस्पताल कर्मचारियों को भाग कर बाहर आना पड़ता है."

अमरीकी भूगर्भ सर्वे के अनुसार यह भूकंप स्थानीय समय अनुसार सुबह 5.54 पर आया. योगजकार्ता इंडोनेशिया की पुरानी शाही राजधानी है और यहाँ के सबसे बड़े शहरों में से एक है.

इंडोनेशिया के एक अन्य शहर सोलो से भी जानमाल के नुक़सान की ख़बरें हैं.

योगजकार्ता हवाईअड्डा बंद है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक हवाईअड्डे के रनवे में दरार पड़ गई है.

संवेदनशील क्षेत्र

इंडोनेशिया भूकंप के प्रति संवेदनशील क्षेत्र में आता है और इस महीने की शुरुआत में इंडोनेशिया सरकार ने जावा प्रांत में माउंट मेरापी ज्वालामुखी के फटने को लेकर चेतावनी जारी की थी और लोगों से इस क्षेत्र से हट जाने को कहा था.

ग़ौरतलब है कि दिसंबर, 2004 में इंडोनेशिया के तट पर आए भूकंप में लगभग चार हज़ारों लोगों की जानें गईं थीं.

रिक्टर स्केल पर उस भूकंप की तीव्रता 8.9 मापी गई थी और उसका केंद्र था इंडोनेशिया का सुमात्रा द्वीप.

भूकंप के बाद उठी समुद्री लहरों के कारण वहाँ के कुछ तटीय इलाकों में भयंकर बाढ़ आई थी और इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं थीं.

इस भूंकप से उठी सूनामी लहरों ने भारत, श्रीलंका और थाईलैंड में भारी तबाही मचा दी थी.