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शनिवार, 27 मई, 2006 को 11:46 GMT तक के समाचार

'इंडोनेशिया में भारतीय नागरिक सुरक्षित'

इंडोनेशिया के योगजकार्ता शहर में शनिवार सुबह ज़बरदस्त भूकंप आया है जिसमें 3000 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.

इंडोनेशिया में भारत के राजदूत हेमंत कृष्ण सिंह ने बीबीसी को बताया है कि अब तक भारतीय नागरिकों के हताहत होने का समाचार नहीं मिला है.

हेमंत कृष्ण सिंह ने कहा कि योगजकार्ता में भारतीय नागरिक नहीं रहते हैं.

इंडोनेशिया में भारतीय दूतावास का नंबर -0062 21-5204150

उन्होंने बताया, "योगजकार्ता में एक भारतीय टीम को शूटिंग के लिए भेजा गया था जिसे शनिवार को ही शूटिंग करनी थी लेकिन ये टीम पास के एक शहर सोलो में रूकी हुई थी, हमने टीम को सोलो में रोक लिया है और सभी लोग सुरक्षित है."

हेमंत कृष्ण सिंह ने कहा कि अब तक ऐसी कोई ख़बर नहीं मिली है जिससे संकेत मिलें कि भारतीय नागरिक हताहत हुए हैं.

इसके अलावा उन्होंने बताया कि भारतीय मूल के इंडोनेशियाई योगजकार्ता में काफ़ी कम संख्या में रहते हैं और उनके संपर्क करने के बाद यही स्पष्ट हुआ है कि सब लोग सुरक्षित हैं.

हेमंत कृष्ण सिंह ने बताया कि भारत से किसी ने उनके कार्यालय में अपने रिश्तेदारों की सलामती जानने के लिए संपर्क नहीं किया है.

उन्होंने कहा कि सूनामी के समय भारत ने इंडोनेशिया की मदद की थी और इस बार भी वो इंडोनेशिया की हर संभव मदद करेगा.

वहीं इंडोनेशिया में डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए गई भारतीय नागरिक डॉक्टर मोहना कृष्णस्वामी ने बताया कि उन्होंने भी भूकंप के झटके महसूस किए.

वे उस समय योगजकार्ता से करीब 120 किलोमीटर दूर सोलो शहर के एक होटल में रूकी हुई थीं.

मोहना कृष्णस्वामी ने बताया कि झटके काफ़ी ज़ोरदार थे और होटल से बाहर निकलने के बाद कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि आख़िर हुआ क्या है.

उन्होंने बताया, "सड़कों पर काफ़ी अफ़रातफ़री थी, कोई बोल रहा था कि सूनामी है, कोई कह रहा था कि ज्वालामुखी फटा है, रेडियो पर भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी, जितने मुँह उतनी बातें थीं."

मोहना कृष्णस्वामी ने बताया कि जानकारी के अभाव के चलते ही अफ़रातफ़री और बढ़ गई और मोबाइल नेटवर्क ने भी काम करना बंद कर दिया था.

उन्होंने बताया कि आख़िरकर भारतीय राजदूत का संदेश मिला कि भूकंप आया है और वे शूटिंग के लिए योगजकार्ता न जाएँ.