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बुधवार, 24 मई, 2006 को 19:15 GMT तक के समाचार

ओल्मर्ट का शांति वार्ता का सशर्त प्रस्ताव

इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने कहा है कि वे फ़लस्तीनियों से वार्ता के लिए तैयार हैं लेकिन इसके लिए हमास को हिंसा छोड़कर इसराइल को मान्यता देनी होगी.

अमरीकी संसद में दिए गए अपने एक महत्वपूर्ण भाषण में ओल्मर्ट ने कहा, "मैं फ़लस्तीन प्रशासन के चुने हुए राष्ट्रपति महमूद अब्बास से शांति की पहल कर रहा हूँ."

उन्होंने कहा, "लेकिन किसी चरमपंथी को विकास पर वीटो का अधिकार नहीं दिया जा सकता जो सभी उम्मीदों को बंधक बना ले."

उल्लेखनीय है कि इसराइल, अमरीका और यूरोपीय संघ हमास को एक चरमपंथी संगठन मानते हैं.

हमास ने जनवरी में चुनाव जीतकर फ़लस्तीनी प्रशासन में सरकार का गठन किया है और वो इसराइल को मान्यता देने से इंकार करता है.

मंगलवार को अमरीकी राष्ट्रपति ने एहुद ओल्मर्ट के साथ हुई पहली मुलाक़ात के बाद कहा था कि वो इस बात का समर्थन करते हैं कि यदि हमास के साथ शांति के प्रयास सफल नहीं होते हैं तो इसराइल को सीमा रेखा का फ़ैसला एकतरफ़ा ही कर लेना चाहिए.

इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हमास ने कहा है कि इससे तो फ़लस्तीनी आंदोलन का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा.

अमरीकी संसद में ओल्मर्ट ने दोहराया कि इसराइल हमास के लिए अनंतकाल तक प्रतीक्षा नहीं कर सकता.

यही बात उन्होंने मंगलवार को बुश के साथ साझा पत्रकारवार्ता में भी कही थी.

वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता जोनाथन बील का कहना है कि अमरीका में इस बात को लेकर चिंता है कि कहीं इसराइल दूसरे देशों को विश्वास में लिए बगैर ही क़दम न उठा ले.

लेकिन संवाददाता का कहना है कि महमूद अब्बास को एक कमज़ोर राष्ट्रपति मानने के बावजूद उनकी ताक़त को स्वीकार करके एहुद ओल्मर्ट ने ये संकेत तो दे ही दिए हैं कि वो अमरीका की बात सुन रहे हैं.