रविवार, 21 मई, 2006 को 13:20 GMT तक के समाचार
इसराइल सरकार ने दवा और अन्य चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने के लिए फ़लस्तीनी प्राधिकरण को एक करोड 10 लाख डालर की राशि देने की घोषणा की है.
फ़लस्तीनी चुनावों के बाद इसराइली और फ़लस्तीनियों के बीच पहली उच्चस्तरीय बैठक में ये ये फ़ैसला लिया गया.
फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रमुख महमूद अब्बास और इसराइल के विदेशमंत्री ज़िपी लिवनी के बीच ये बैठक मिस्र के शर्म अल शेख़ में हुई.
फ़लस्तीनियो के लिए दिनोंदिन बदतर होती जा रही स्थिति और बढ़ती परेशानियों के बीच इसराइल की ओर से ये घोषणा की गई है. इसके अनुसार टैक्स से मिले राजस्व की कुछ राशि फ़लस्तीनी प्राधिकरण को सौंपी जाएगी.
बैठक के बाद महमूद अब्बास का कहना था कि वो इसराइल से और मदद का आग्रह कर रहे थे ताकि मानवीय आपदा से उत्पन्न स्थिति का सामना किया जा सके.
अरबी भाषा मे बोलते हुए महमूद अब्बास कह रहे थे कि हमने कई मुद्दों पर बात की. भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा हुई. इसराइल ने फ़लस्तीनियों की कुछ धनराशि अपने पास रोक कर रखी है. उसे वापस फ़लस्तीनियों को कैसे भेजा जा सकता है, इस मुद्दे पर भी बात हुई.
लेकिन इसराइली नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि ये राशि हमास के नेतृत्व वाली सरकार के पास नहीं जा रही है बल्कि इसका उपयोग ग़ज़ा के अस्पतालों मे चिकित्सा सुविधाओं के लिए किया जाएगा.
मिस्र के पर्यटन शहर शर्म अल शेख़ मे फ़लस्तीनी अधिकारियों से मिलने के बाद इसराइली विदेशमंत्री ज़िपी लिवनी ने दोहराया कि इसराइल आम फ़लस्तीनियों को इस बात की सज़ा नहीं देना चाहता कि उन्होंने आम चुनावों मे हमास के पक्ष में मतदान किया.
ज़िपी लिवनी का कहना था, "हमास के नेतृत्व वाली सरकार को असंवैधानिक क़रार दिए जाने की ज़रूरत है क्योंकि ये एक आतंकवादी संगठन है. साथ ही इसराइल फ़िलस्तीनियो की भी मदद करना चाहते है. हम मानवीय आपदा या फिर आर्थिक संकट में उन्हें सहयोग करने के लिए तैयार है."
इसराइल के उप प्रधानमंत्री शिमोन पेरेज़ भी इस बैठक मे मौजूद थे. उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक, मानवीय और आर्थिक मुद्दों को अलग कर के देखने की ज़रूरत है.
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास प्रयास कर रहे हैं कि शांति वार्ता के लिए रास्ता बनाया जा सके लेकिन इसराइलियों को अब भी संदेह है कि क्या वो ऐसा करने में सफल हो सकते है.