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रविवार, 21 मई, 2006 को 06:43 GMT तक के समाचार

ममता गुप्ता और महबूब ख़ान
लंदन

जुरासिक पार्क क्यों मशहूर हुई थी?

बासुदेवपुर चंदेल, वैशाली बिहार से रवि कुमार राज पूछते हैं कि हॉलीवुड की फ़िल्म जुरासिक पार्क क्यों मशहूर हुई और इसके निर्माता निर्देशक कौन थे?

इसके निर्माता निर्देशक थे स्टीवन स्पीलबर्ग और ये मशहूर इसलिए हुई क्योंकि इसमें जुरासिक काल के विशालकाय जीवों डायनासोर को कम्प्यूटर ग्राफ़िक्स की सहायता से दिखाया गया. कहानी कुछ इस तरह चलती है. एक सनकी करोड़पति है जिसने प्रागैतिहासिक कीड़ों में से डायनासोर के डीएनए निकाल कर उनकी क्लोनिंग की है और कैरीबियाई देश कोस्टारिका के एक निर्जन क्षेत्र में एक अजायबघर बनाया है. वो दो जाने माने डायनासोर विशेषज्ञों को यह पार्क दिखाने ले जाता है.

ये विशेषज्ञ अब तक जिन जीवों के अवशेषों का अध्ययन करते रहे थे उन्हें जीता जागता देख कर सकते में आ जाते हैं. लेकिन फिर कुछ ऐसा घटता है जिससे ये डायनासोर अपने पिंजड़ों में से बाहर निकल आते हैं और विनाश की लीला शुरु हो जाती है.

भाभा परमाणु केंद्र

भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र भारत के किस प्रांत में स्थित है. गाँव रोहिला, बाड़मेर राजस्थान से गौदारा हरिराम विश्नोई.

मुंबई के एक उपनगर ट्रॉम्बे में. डॉक्टर होमी जहाँगीर भाभा ने भारत के परमाणु कार्यक्रम की परिकल्पना की थी और वो उन गिने चुने वैज्ञानिकों में से थे जिन्होंने मार्च 1944 में परमाणु अनुसंधान की शुरुआत की. वो इस क्षेत्र में भारत को आत्म निर्भर बनाना चाहते थे. 15 अप्रैल 1948 को परमाणु ऊर्जा अधिनियम पारित हुआ और 10 अगस्त 1948 को परमाणु ऊर्जा आयोग का गठन हुआ. इस आयोग ने 3 जनवरी 1954 को एटॉमिक ऐनर्जी ऐस्टैब्लिशमैंट ट्रॉम्बे की स्थापना की और डॉक्टर होमी भाभा को भारत सरकार का सचिव बनाया गया.

जनवरी 1966 में एक विमान दुर्धटना में डॉक्टर भाभा की मृत्यु हो गई. उनकी याद में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 12 जनवरी 1967 को इस संस्था का नाम बदलकर भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र रख दिया.

अलग-अलग नाम

अलग-अलग भाषाओं में नाम अलग ढंग से क्यों लिखे और बोले जाते हैं. जैसे ऐलैक्ज़ैंडर को हिंदी में सिकंदर और ग्रीस को यूनान कहा जाता है. ये सवाल पूछा है अजय लाल ने.

ग्रीस को यूनान और ऐलैक्ज़ैंडर को सिकंदर कहने के पीछे ऐतिहासिक और भाषा संबंधी कारण हैं. प्राचीन काल में संस्कृत में विदेशियों और विधर्मियों को यवन कहते थे, जो ग्रीस के लिए सीमित हो गया. इसी का बदला हुआ रूप यूनान है जो आज भी प्रचलित है. ऐलैक्ज़ैंडर को अरबी लोग अपनी भाषा की पद्धति के अनुसार अल-सिकंदर कहते थे, जो फ़ारसी में ख़ाली सिकंदर रह गया.

भाषा संबंधी कारणों में दो बातें ध्यान देने की हैं. एक तो सब भाषाओं में समान ध्वनियाँ नहीं होतीं. जैसे हिंदी की ख, घ, छ, झ, ढ, त और ध के लिए अंग्रेज़ी में समान ध्वनि नहीं हैं या अरबी में प और ग ध्वनियाँ नहीं हैं. इसलिए उनमें नाम भिन्न सुनाई पड़ते हैं. दूसरे वर्चस्वी भाषा कमज़ोर भाषाओं पर हावी हो जाती हैं.

दिल्ली में यमुना नदी पर पहले पुल का निर्माण किस सन् में हुआ था. ग्राम वजीदपुर, फ़िरोज़पुर पंजाब से सतपाल शर्मा.

दिल्ली में यमुना नदी पर पहला पुल बनकर तैयार हुआ 1864 में. रोलैंड मैक्डॉनल्ड स्टीवैंसन को भारतीय रेल का संस्थापक माना जाता है. जब अंग्रेज़ों ने रेल मार्ग बिछाने पर विचार किया तभी नदियों पर पुल बनाने की बात आई और उनका निर्माण हुआ.