शनिवार, 20 मई, 2006 को 17:55 GMT तक के समाचार
इराक़ पर मार्च 2003 में अमरीकी नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन के हमले के बाद वहाँ एक स्थाई सरकार के गठन का कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने स्वागत किया है.
इराक़ में अमरीकी राजदूत ज़लमय ख़लीलज़ाद ने कहा है कि इसके साथ ही देश के लिए एक नया अध्याय शुरू हो रहा है लेकिन अभी बहुत सी चुनौतियाँ भी सामने हैं.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने नई सरकार के पदभार संभालने को एक बड़ा क़दम बताया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आहवान किया है कि नूरी अल मलिकी के नेतृत्व वाली इस नई सरकार को भरपूर सहयोग दें.
अरब लीग के महासचिव अम्र मूसा ने नई सरकार इराक़ में सुरक्षा और स्थिरता लाने में मददगार साबित होगी.
ग़ौरतलब है कि इराक़ी संसद ने शनिवार को एक नई सरकार को मंज़ूरी दे दी जिसमें शिया, सुन्नी और कुर्द समुदायों के प्रतिनिधि शामिल हैं.
मार्च 2003 में अमरीका के नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन के हमले के बाद से यह पहली पूर्ण सरकार होगी जिसमें 37 मंत्री हैं. इस सरकार से उम्मीद की जा रही कि यह अशांति दूर कर सकेगी.
प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कहा कि देश में स्थिरता और सुरक्षा बहाल करने को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएंगे.
लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि आंतरिक सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र अब भी अतिरिक्त प्रभार के तौर पर मंत्रियों को दिए गए हैं इसलिए सरकार के सामने देश में सुरक्षा बहाल करने में ख़ासी चुनौतियाँ आएंगी.
इराक़ में चुनावों के पांच महीने बाद सरकार के गठन पर सहमति हुई है. शिया, सुन्नी और कुर्द दलों के बीच सरकार के गठन को लेकर अलग अलग विवाद थे जिसके कारण सरकार बन नहीं रही थी.