शनिवार, 20 मई, 2006 को 17:57 GMT तक के समाचार
इराक़ में संसद ने एक नई सरकार को मंज़ूरी दे दी है जिसमें शिया, सुन्नी और कुर्द समुदायों के प्रतिनिधि शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस स्थाई सरकार का स्वागत किया है.
लेकिन तीन अहम मंत्रालयों - राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा और रक्षा मंत्रालयों को लेकर अब भी कोई सहमति नहीं बनी है.
फिलहाल आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय की ज़िम्मेदारी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के पास रहेगी. ग़ौरतलब है कि मलिकी एक शिया हैं.
रक्षा मंत्रालय उपप्रधानमंत्री सलाम ज़ौबाई को दिया गया है जो एक सुन्नी नेता हैं.
मार्च 2003 में अमरीका के नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन के हमले के बाद से यह पहली पूर्ण सरकार होगी जिसमें 37 मंत्री हैं. इस सरकार से उम्मीद की जा रही कि यह अशांति दूर कर सकेगी.
लेकिन बग़दाद में बीबीसी संवाददाता जिम मुइर का कहना है कि नई सरकार की शुरूआत भी नाटकीय अंदाज़ में हुई.
इससे पहले कि प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी अपने मंत्रिमंडल के बारे में परिचय देना शुरू कर पाते, एक सुन्नी गुट-डॉयलॉग पार्टी ने यह बताने के लिए माइक्रोफ़ोन छीन लिया कि मंत्रालयों के बँटवारे के बारे में किस तरह से बातचीत हुई.
जब मलिकी कुछ बोल पाने की स्थिति में आए तो 275 सदस्यों वाली संसद में जब नए मंत्रियों के नाम घोषित किए गए तो उनका ज़ोरदार स्वागत किया गया.
प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कहा कि देश में स्थिरता और सुरक्षा बहाल करने को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएंगे.
लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि आंतरिक सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र अब भी अतिरिक्त प्रभार के तौर पर मंत्रियों को दिए गए हैं इसलिए सरकार के सामने देश में सुरक्षा बहाल करने में ख़ासी चुनौतियाँ आएंगी.
इराक़ में चुनावों के पांच महीने बाद सरकार के गठन पर सहमति हुई है. शिया, सुन्नी और कुर्द दलों के बीच सरकार के गठन को लेकर अलग अलग विवाद थे जिसके कारण सरकार बन नहीं रही थी.