गुरुवार, 18 मई, 2006 को 23:21 GMT तक के समाचार
ग़ज़ा में विरोधी फ़लस्तीनी सुरक्षा बलों के बीच हुए संघर्ष में दो लोग घायल हो गए हैं.
आधी रात के बाद हमास के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा गठित सुरक्षा बलों और फतह के समर्थन वाले सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष शुरु हुआ.
उल्लेखनीय है कि फतह के प्रमुख महमूद अब्बास फ़लस्तीनी प्राधिकरण के प्रमुख नेता हैं जबकि सरकार उनके विरोधी संगठन हमास की है.
ग़ज़ा में अब्बास के प्रति निष्ठावान माने जाने वाले सैनिक तैनात थे जिसके विरोध में हमास ने अपने सैनिकों को भेज दिया.
राष्ट्रपति अब्बास के एक सलाहकार साएब इराकात का कहना है कि ग़ज़ा और पश्चिमी तट में समानांतर सुरक्षा प्रणाली खड़ी करने से ग़ज़ा की सुरक्षा को ही ख़तरा पैदा हो जाएगा.
बीबीसी संवाददाता एलन जान्सटन के अनुसार दोनों पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में पुलिस के जवान घायल हुए हैं.
पुलिस ने इस गोलीबारी के लिए नवगठित सुरक्षा बलों को ज़िम्मेदार ठहराया है. हालांकि इस सुरक्षा बल ने हिंसा में शामिल होने की आरोपों को ख़ारिज़ कर दिया है.
ग़ज़ा शहर में यूनिवर्सिटी के पास यह गोलीबारी शुरु हुई. पुलिस का कहना है कि बुधवार से ही हमास के सैनिक यहां भारी संख्या में आ रहे थे लेकिन नवगठित सुरक्षा बल का कहना है कि जिस किसी ने भी गोली चलाई वो सुरक्षा बल का सदस्य नहीं था.
बीबीसी संवाददाता के अनुसार यह कहना अभी मुश्किल है कि गोलीबारी कैसे और क्यों शुरु हुई लेकिन ये संघर्ष कुछ समय से अवश्यंभावी दिख रहा था.
हमास और फतह के बीच तनाव चरम पर था और छिटपुट हिंसक घटनाएं पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हो रही थीं. इन्हीं घटनाओं के मद्देनज़र हमास ने अपने समर्थकों से शक्ति प्रदर्शन के लिए कहा और चरमपंथी सैनिकों की ड्रेस में सड़क पर आ गए.
आम सैनिक बल (जो फ़तह पार्टी की सत्ता के दौरान बनाई गई थी) इस तरह से अपनी शक्ति को चुनौती दिए जाने से सख्त नाराज़ थे.
तनातनी के माहौल में हिंसा का शुरु होना स्वाभाविक माना जा रहा था.