बुधवार, 17 मई, 2006 को 05:02 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने देश में और परमाणु बिजली घर बनाने की वकालत की है.
उनका तर्क है कि इससे तेल और गैस को लेकर दूसरे देशों पर निर्भरता कम होगी और प्रदूषण भी कम होगा.
टोनी ब्लेयर ने कहा कि यदि परमाणु बिजली घरों का निर्माण नहीं किया गया तो ग्रीनहाउस गैसों को कम करने का लक्ष्य ब्रिटेन हासिल नहीं कर पाएगा.
उन्होंने देश में ऊर्जा के संकट को छिपाए बग़ैर कहा कि वे आने वाले दिनों में बिजली का संकट देख रहे हैं.
उन्होंने कहा, "यदि हम अभी ये निर्णय नहीं लेंगे, तो मैं समझता हूँ कि हम भविष्य के प्रति अपने कर्तव्यों की गंभीर उपेक्षा करेंगे."
स्वागत और नाराज़गी
टोनी ब्लेयर की इस पहल का उद्योग और व्यवसाय ने तो स्वागत किया है.
उनका मानना है कि ऊर्जा पैदा करने का यही एक संभव रास्ता दिखता है.
लेकिन परमाणु बिजली घरों की इस वकालत से पर्यावरणवादी और परमाणु विरोधी कार्यकर्ता नाराज़ हैं.
उनका कहना है कि जितने खर्च से परमाणु बिजली घर बनाए जाएँगे उतने में ऊर्जा के टिकाऊ साधन ज़्यादा जल्दी हासिल किए जा सकते हैं.
इस समय ब्रिटेन के पास 23 व्यावसायिक परमाणु ऊर्जा केंद्र हैं जो ब्रिटेन की ज़रुरत की चौथाई बिजली का उत्पादन करते हैं.
उल्लेखनीय है कि 1999 में उत्तरी समुद्र में ब्रिटेन का तेल उत्पादन अपने चरम पर पहुँच गया था और तब से ब्रिटेन तेल के लिए आयात पर ही निर्भर है.
बीबीसी की राजनीतिक संवाददाता करौल वॉकर का कहना है कि ब्लेयर के इस बयान से विवाद खड़ा हो सकता है.
और संवाददाता का विश्लेषण है कि ब्लेयर इस समय विवादित निर्णय लेना चाहते है जिससे कि ये ज़ाहिर हो सके कि वे प्रधानमंत्री निवास में सिर्फ़ अपना कार्यकाल ख़त्म होने का इंतज़ार नहीं कर रहे हैं.