ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने यूरोपीय संघ की उन रियायतों को ठुकरा दिया है जो वह ईरान का परमाणु कार्यक्रम स्थगित करने के बदले में देने पर विचार कर रहा है.
ईरान के एक केंद्रीय शहर अरक में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए महमूद अहमदीनेजाद ने कहा कि ये रियायतें उसी तरह हैं जैसे कि सोने के बदले में कोई आपको गुड़-चना पेश करे.
अहमदीनेजाद ने कहा कि यूरोपीय देश ईरान के साथ एक बच्चे की तरह बर्ताव कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, "वे कहते हैं कि वे हमें रियायतें देना चाहते हैं. क्या आप समझते हैं कि आप चार साल के किसी बच्चे के साथ बर्ताव कर रहे हैं जिसे आप कुछ चॉकलेट का लालच देकर उससे सोना झपट लें."
अहमदीनेजाद ने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से स्थगित करने की शर्त क़तई नहीं मानेगा क्योंकि जब दो साल के लिए स्थगित करने का फ़ैसला किया गया था तो यह एक कड़वा अनुभव रहा.
साथ ही उन्होंने चेतावनी के सुर में कहा कि पश्चिमी देश परमाणु अप्रसार संधि पर दस्तख़त करने वाले देशों को इससे बाहर निकलने के लिए मजबूर ना करें.
फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन इस पेशकश पर विचार कर रहे हैं कि ईरान अगर अपने परमाणु कार्यक्रम के तहत यूरेनियम संवर्धन बंद कर दे तो उसे हल्के पानी का एक रिएक्टर दिया जा सकता है.
इन रियायतों के तहत ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध भी नहीं लगाए जाएंगे.
बदले में ईरान सरकार ने कहा है कि अगर यूरोपीय संघ ईरान के यूरेनियम संवर्धन अधिकार को मान्यता देता है वह लगभग सात करोड़ लोगों वाला बाज़ार उसके लिए खोल सकता है.
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हामिद रज़ा आसफ़ी ने कहा है, "ईरान के सात करोड़ लोगों का बाज़ार यूरोपीय संघ के लिए एक बहुत अच्छी पेशकश है."
राजधानी तेहरान में बीबीसी संवाददाता फ्रांसिस हैरिसन का कहना है कि यह पेशकश यूरोपीय संघ के उन गंभीर कूटनीतिक प्रयासों का मज़ाक है जो वह ईरान के परमाणउ कार्यक्रम पर उठे विवाद को हल करने के लिए कर रहा है.
फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के प्रतिनिधि रूस, चीन और अमरीका के प्रतिनिधियों की एक बैठक शुक्रवार हो प्रस्तावित थी जिसे स्थगित कर दिया गया है.
ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने लंदन में बुधवार को कहा कि यह बैठक इसलिए स्थगित की गई है ताकि और विस्तार से विचार-विमर्श किया जा सके.