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बुधवार, 17 मई, 2006 को 23:10 GMT तक के समाचार

फ़्रांस में आप्रवासियों का प्रवेश कठिन

फ़्रांस की नेशनल असेंबली ने आव्रजन विधेयक पारित कर दिया है. इसके बाद फ़्रांस में अकुशल आप्रवासियों का प्रवेश मुश्किल हो जाएगा.

साथ ही फ़्रांस के अधिकारियों को विदेशी आप्रवासियों को चुनने के अधिकार और बढ़ जाएंगे.

फ्रांस के गृह मंत्री निकोलस सार्कोज़ी ने कहा कि इस क़ानून के बाद फ़्रांस में भी अन्य देशों की तरह चुनिंदा लोगों को आप्रवास की अनुमति दी जाएगी.

लेकिन विपक्षी वामपंथी दलों और मानवाधिकार संगठनों ने इसकी आलोचना की है और इसे नस्लवादी क़रार दिया है.

नए क़ानून के अनुसार यूरोपीय संघ से बाहर के आप्रवासियों को फ्रेंच सीखने और फ्रांसीसी गणराज्य के सिद्धांतों का आदर करने संबंधी एक सहमति पत्र पर भी हस्ताक्षर करने होंगे.

साथ ही आप्रवासियों को अपने परिवारों को लाना खासा मुश्किल हो जाएगा. हालांकि अभी इस विधेयक को सीनेट से पारित होना है.

इस विधेयक को तैयार करने में गृह मंत्री निकोलस सार्कोज़ी ने अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कुछ समय पहले आप्रवासी इलाक़ों में दंगों के दौरान कहा था कि फ़्रांस की मौजूदा आव्रजन नीतियाँ कारगर साबित नहीं हुई हैं.

फ़्रांसीसी गृह मंत्री पश्चिम अफ़्रीकी देश माली की यात्रा पर जा रहे हैं जहाँ से बड़ी संख्या में आप्रवासी फ़्रांस आते हैं. इस विधेयक के कारण वहाँ उनका विरोध हो सकता है.

अमरीका में प्रदर्शन

दूसरी ओर अमरीकी आप्रवासी प्रस्तावित नए आप्रवासन क़ानून के ख़िलाफ़ वाशिंगटन में सड़कों पर उतर आए. उनकी माँग है कि अवैध आप्रवासियों को अमरीका में रहने दिया जाए और नागरिकता प्रदान की जाए.

इधर अमरीकी सीनेट ने दो साल से अधिक अवधि से बिना दस्तावेज़ों के रह रहे आप्रवासियों को नागरिकता देने की अनुमति दे दी है. लेकिन इससे कम वक्त से रह रहे लोगों को मूल देश वापस भेजे जाने का प्रस्ताव है.

अमरीका में लगभग एक करोड़ 20 लाख अवैध आप्रवासी रहते हैं और इनमें मैक्सिको के लोगों की बड़ी संख्या हैं.

सीनेट ने मैक्सिको से लगनेवाली 600 किलोमीटर लंबी सीमा पर बाड़ लगाने को योजना को भी मंज़ूरी दे दी है.

इस योजना में वक्त लगेगा तब तक के लिए राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने सीमा पर छह हज़ार सैनिक तैनात करने की घोषणा की है.