रविवार, 14 मई, 2006 को 05:38 GMT तक के समाचार
इंडोनेशिया के जावा प्रांत में अधिकारी माउंट मेरापी ज्वालामुखी के पास से हज़ारों लोगों को दूर हटाने में लगे हुए हैं लेकिन कई लोग अधिकारियों की बात नहीं मान रहे हैं और वापस अपने घरों में लौट रहे हैं.
पूरे प्रांत में इस ज्वालामुखी के फटने को लेकर चिंताएं हैं. इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ज्वालामुखी में छोटे छोटे धमाके हो रहे हैं जिनसे छोटे पत्थर, जली हुई राख और लावा धीरे धीरे निकल रहा है.
इन ख़तरों के बावजूद स्थानीय लोग अपने घरों को छोड़कर जाना नहीं चाहते हैं और कई मामले ऐसे हैं जहां स्थानीय लोग अपने खाली किए गए घरों में वापस लौट रहे हैं ताकि जानवरों और फसल की देखभाल कर सकें.
इंडोनेशिया की सरकार ने तबाही से निपटने के लिए लाखों डॉलर की राशि अलग कर रखी है लेकिन अभी यह तय नही है कि लोगों को फसल और जानवरों की नुकसान की भरपाई की जाएगी या नहीं.
मेरापी इंडोनेशिया के सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है. 1994 में इस ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ था जिसमें 66 लोग मारे गए थे.
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि माउंट मेरापी ज्वालामुखी के फटने के आसार काफ़ी ज़्यादा हैं और इस चेतावनी को सबसे उच्च श्रेणी की चेतावनी के तहत रखा गया है.
आस्था और विश्वास
शनिवार से ही पूरे इलाक़े को खाली करने की क़वायद शुरु हो गई थी लेकिन कुछ किसान ये आदेश नहीं मान रहे हैं.
वो अपने घरों में लौट रहे हैं और उनका कहना है कि उन्हें विश्वास है कि इस बार ज्वालामुखी नहीं फटेगा.
अपने पशुओं की देख रेख के लिए वापस लौट गए 30 वर्षीय किसान कहते हैं " मुझे नहीं लगता कि इस बार ये ज्वालामुखी फटेगा."
एक बुजुर्ग एसमो कहते हैं " मुझे डर तो है लेकिन ये मेरी ज़िम्मेदारी है कि मैं अपने पशुओं की देखभाल करुं. उनके लिए घास लाऊं. मैं अपनी ज़िम्मेदारी से भाग नहीं सकता. "
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि स्थानीय लोगों की ज्वालामुखी में आस्था है और वो मानते हैं कि इसके क्रेटर में आत्माएं रहती हैं.
कुछ लोग कहते हैं कि वो ज्वालामुखी में से भेड़ के आकार का धुआं निकलने का इंतज़ार कर रहे हैं क्योंकि ये ज्वालामुखी के निश्चित रुप से फटने का प्रतीक होगा.
हालांकि वैज्ञानिकों के अनुसार शनिवार को इस ज्वालामुखी में 27 झटके आए हैं.
वैज्ञानिक अभी बता पाने की स्थिति में नहीं है कि ज्वालामुखी में विस्फोट कितना बड़ा हो सकता है. मेरापी में से लगातार लावा निकल रहा है.