रविवार, 14 मई, 2006 को 11:45 GMT तक के समाचार
चीन वेटिकन की अनुमति के बिना एक और कैथोलिक बिशप की नियुक्ति कर रहा है. इस क़दम से चीन और वेटिकन के बीच टकराव बढ़ने की आशंका है.
चीन सरकार ने झान सिलु को पूर्वी फ़ूजियन प्रांत में मिंडोंग का बिशप नियुक्त करने की घोषणा की है.
उल्लेखनीय है कि चीन पिछले पखवाड़े इसी तरह दो और बिशप की नियुक्ति कर चुका है. चीन सरकार की इस क़दम की पोप बेनेडिक्ट सोलहवें ने आलोचना की है.
वेटिकन दोनों बिशपों से किसी तरह का संबंध नहीं रखने की धमकी दे चुका है.
चीन का चर्च दो धड़ों में बँटा हुआ है जिनमें से एक सरकार के नियंत्रण में हो तो दूसरा वेटिकन के निर्देश पर चलता है.
ताज़ा घटनाक्रम से चीन और वेटिकन के 50 साल पहले टूटे रिश्ते को जोड़ने के प्रयास को झटका लगा है.
दो धड़ों में बँटा चर्च
चीन सरकार बिशपों की नियुक्ति के वेटिकन के अधिकार को मान्यता नहीं देती है. हालाँकि पिछले पाँच वर्षों के दौरान चीनी सरकार ने बिशपों को वेटिकन की स्वीकृति लेने से नहीं रोका है.
झान सिलु को यों तो 2000 में ही बिशप का दर्जा मिल गया था लेकिन वो एक अन्य बिशप के उत्तराधिकारी के तौर पर काम कर रहे थे. उस बिशप की मौत के बाद अब जाकर सिलु को पूरी ज़िम्मेदारियाँ मिली हैं.
रविवार को झान सिलु ने बिशप के रूप में पहली बार पूर्ण प्रार्थना सभा में भाग लिया. वेटिकन समर्थित चीनी चर्च के अधिकारियों ने कहा है कि उनके किसी पादरी ने प्रार्थना सभा में भाग नहीं लिया.