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रविवार, 14 मई, 2006 को 04:30 GMT तक के समाचार

ब्राज़ील:हमलों के बाद जेलों में विद्रोह

ब्राज़ील के साओ पालो शहर की सड़कों पर हुए हमलों में कम से कम 19 पुलिसकर्मियों समेत 30 लोगों के मारे जाने के बाद अब 20 जेलों के क़ैदियों ने विद्रोह कर दिया है.

इन हमलों में 15 पुलिसकर्मी और 15 हमलावर घायल भी हुए हैं.

जेलों में क़ैदियों ने कम से कम 100 लोगों को बंधक बना लिया है.

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि शहर में ये हमले संगठित अपराध करने वाले गुट फर्स्ट कमांड ऑफ द पीपुल (पीसीसी) नामक संगठन ने करवाए हैं.

शनिवार तड़के साओ पालो में हथियारबंद अपराधियों ने अचानक पुलिसकर्मियों पर 55 से अधिक हमले किए जिसमें 30 से अधिक लोग मारे गए हैं.

राज्य के गवर्नर ने कहा है कि संगठित अपराध के सामने वो नहीं झुकेंगे.

इन हमलों का कारण भी जेल में बंद क़ैदियों से जुड़ा बताया जा रहा है. शुक्रवार को सरकार ने विभिन्न जेलों में 600 से अधिक क़ैदियों को सबसे अधिक सुरक्षा वाली इकाई में स्थानांतरित करने का फ़ैसला किया था और संभवत इसी के विरोध में हमले हुए हैं.

विद्रोह

कहा जा रहा है कि पीसीसी के लिए काम करने वाले कई अपराधी जेलों में बंद है और पीसीसी इस सप्ताहांत में जेलों में संगठित रुप से विद्रोह करने की योजना में थी.

इस योजना को विफल करने के उद्देश्य से सरकार ने क़ैदियों को हटाने का फ़ैसला किया था.

शुक्रवार की रात शुरु हुए हमलों में पुलिसकर्मियों को न केवल सड़कों पर बल्कि उनके घरों, पबों और बारों में भी निशाना बनाया गया. इस सिलसिले में पीसीसी के नेताओं से पूछताछ चल रही है.

अपराधियों ने मशीन गनों, हथगोलों और विस्फोटक पदार्थों का इस्तेमाल किया और थानों को भी निशाना बनाया है.

साओ पालो शहर के अलावा ओसास्को, ग्वारुलहोस,कारापचुइबा, कुबाताओ और गुआरुजा में भी हमले हुए हैं.

साओ पालो में बीबीसी संवाददाता स्टीव किंगस्टन का कहना है शहर में पहले भी हिंसक घटनाएं होती रही है लेकिन इस पैमाने पर हिंसा कभी नहीं हुई है.