शनिवार, 13 मई, 2006 को 05:15 GMT तक के समाचार
अमरीका ने ईरान के साथ सीधे बातचीत की संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान की अपील को ठुकरा दिया है.
अमरीका का कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा द्विपक्षीय नहीं है इसलिए अमरीका ईरान से सीधे बात नहीं करेगा.
अन्नान ने कहा था कि अमरीका को ईरान से सीधे बात करनी चाहिए क्योंकि जब तक अमरीका वार्ताओं में सीधे शामिल नहीं होगा तब तक ईरान भी ठीक से बात नहीं करेगा.
इस बीच यूरोपीय संघ परमाणु कार्यक्रम रोकने के एवज़ में ईरान को विशेष सहायता देने का विचार कर रहा है.
इस संबंध में एक योजना अगले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की लंदन में होने वाली बैठक में पेश की जाएगी.
इन प्रस्तावों में यूरोप के साथ मुक्त व्यापार की बात भी शामिल हो सकती है.
ईरान ने अभी तक यूरेनियम संवर्धन रोकने के सुरक्षा परिषद की अपील को नहीं माना है.
शुक्रवार को यूरोपीय संघ के कूटनयिकों और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को ईरान के उस शोध केंद्र के पास संवर्धित यूरेनियम के अंश मिले हैं जिसे ईरान ने 2004 में बंद कर दिया था.
अन्नान की अपील
कोफ़ी अन्नान ने कहा था कि वह यह बात पूरे दावे के साथ नहीं कह सकते कि ईरान यूरोप के साथ बातचीत में खुलकर अपना पक्ष रखेगा.
उनका कहना था " मुझे लगता है कि अमरीका को वार्ता की मेज़ पर आना चाहिए और यूरोप के साथ मिलकर इस समस्या का समाधान खोजना चाहिए."
अन्नान की इस अपील को अमरीका ने ठुकरा दिया है. अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सीन मैककॉरमैक ने कहा कि ईरान बस " प्रक्रिया को रोकने और देर करने " में रुचि रखता है.
मैककॉरमैक ने कहा " हमें लगता है कि हम बिल्कुल सही कूटनीतिक रास्ते पर हैं. ईरान की समस्या पूरी दुनिया की समस्या है सिर्फ अमरीका और ईरान की नहीं है. "
ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर ही अगले हफ्ते सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य और जर्मनी के बीच लंदन में बैठक हो रही है जिसमें ईरान को विशेष पैकेज देने पर विचार हो सकता है ताकि वह अपना परमाणु कार्यक्रम रोक दे.
हालांकि संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के राजदूत जॉन बोल्टन ने कहा है कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन बंद करना ही होगा.