बुधवार, 10 मई, 2006 को 13:40 GMT तक के समाचार
इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालबानी ने जातीय हिंसा में मारे गए लोगों की बड़ी संख्या पर नाराज़गी जताई है. उन्होंने बताया कि अप्रैल महीने में सिर्फ़ राजधानी बग़दाद में ही क़रीब 1100 लोग मारे गए.
राष्ट्रपति तालबानी ने कहा कि बढ़ती हिंसा के कारण आपसी संदेह और भय का माहौल तैयार हो रहा है जिससे समाज के ताने-बाने पर ख़तरा पैदा हो गया है.
राष्ट्रपति तालबानी ने कहा कि देश में तेज़ी से बन रही राष्ट्रीय एकता की सरकार से इस पर असर ज़रूर पड़ेगा, लेकिन इस बीच सुरक्षा तंत्र को तेज़ और निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए.
राष्ट्रपति तालबानी ने राजधानी बग़दाद के एक मुर्दाघर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि एक से 30 अप्रैल के बीच 1091 लोग मारे गए. उन्होंने कहा कि वे प्रतिदिन पाए जा रहे शवों को लेकर सदमे में हैं और उन्हें इस पर नाराज़गी भी है.
उन्होंने राजनीतिक दलों और आम इराक़ियों से भी अपील की कि वे इस तरह की हिंसा को रोकने के लिए हरसंभव कोशिश करें. इस बीच राजधानी बग़दाद से उत्तर बक़ूबा शहर में 11 लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी गई.
गोलीबारी
कहा जा रहा है कि बस से यात्रा कर रहे ये लोग एक सरकारी बिजली कंपनी में काम करते थे. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बंदूकधारियों ने इस बस पर हमला करके अंधाधुंध गोलियाँ चलाई.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुँचे, तो बस में धमाका हो गया. इस हमले में तीन लोग घायल भी हुए हैं.
मंगलवार को इराक़ के उत्तरी शहर तलाफ़र में एक कार बम धमाका हुआ था, जिसमें कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई थी.
दूसरी ओर इराक़ के मनोनीत प्रधानमंत्री नूरी मलिकी ने अपने सरकार में शामिल लोगों की सूची तैयार कर ली है. जानकारों को उम्मीद है कि नई सरकार हिंसा से निपटने में कारगर साबित होगी.
नूरी मलिकी ने उम्मीद जताई कि वे दो दिनों के अंदर नए प्रशासन का गठन कर लेंगे. इराक़ी संविधान के अनुसार उनके पास 22 मई तक का समय है.
उनके कैबिनेट में शामिल मंत्रियों के नाम संसद के सामने मंज़ूरी के लिए रखे जाएँगे. इराक़ में अमरीकी दूत ज़ल्मय ख़लीलज़ाद ने जॉर्डन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इराक़ रणनीतिक रूप से सही दिशा में बढ़ रहा है.