http://www.bbcchindi.com

बुधवार, 10 मई, 2006 को 13:52 GMT तक के समाचार

पुतिन घटती जनसंख्या पर चिंतित

भारत और चीन जैसे देश जहाँ जनसंख्या की विकरालता से परेशान हैं वहीं ताज़ा आँकड़ों के अनुसार रूस में जनसंख्या इस तेज़ी से कम हो रही है कि वहाँ के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतीन ने इसे रूस की सबसे बड़ी समस्या बताया है.

रूस में हर साल सात लाख लोग कम हो रहे हैं और जन्मदर भी घटती जा रही है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को देश के नाम प्रसारित संदेश में शीतयुद्ध की मानसिकता से उबरने की बात भी कही.

लेकिन घटती जनसंख्या ही राष्ट्रपति पुतिन की चिंता का ये अकेला कारण नहीं है. उन्होंने रूस की सेना को आधुनिक बनाने का संकल्प भी किया है.

सोवियत संघ के दिनों में ये दुनिया दो ध्रुवीय थी और दूसरा ताक़तवर ध्रुव था रूस लेकिन अब अमरीका सबसे ताक़तवर देश है. इसीलिए सेना के आधुनिकीकरण की चर्चा पर सबका ध्यान गया है.

राष्ट्रपति पुतिन ने लोगों को बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने की एक नई योजना की घोषणा की.

उन्होंने कहा, "देश का आर्थिक और सामाजिक विकास मुख्य रूप से एक बात से जुड़ा होता है और वो ये है कि ये विकास किसके लिए हो रहा है. हर साल लोगों की संख्या घटती जा रही है और इससे निपटने के लिए अभी तक कुछ ख़ास नहीं किया गया है."

"ऐसे में हमें तीन बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है और वो है - शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जाए, शिशु जन्म दर में वृद्धि हो, और इसके साथ - साथ एक सक्षम आप्रवासन नीति की भी ज़रूरत है.

'परिवर्तन ज़रूरी है'

राष्ट्रपति पुतिन ने साथ ही यह भी कहा कि रूस की सैन्य व्यवस्था में भी बड़े पैमाने पर सुधार किए जाएंगे क्योंकि सैनिकों में आत्मविश्वास की कमी देखने को मिल रही है.

उन्होंने कहा कि देश को एक ऐसी सेना की ज़रूरत है जो सभी तरह के समकालीन ख़तरों से निपटने मे सक्षम हो.

कई क्षेत्रों में व्यवस्था परिवर्तन को समझाते हुए उन्होंने कहा, "पिछले कुछ वर्षों से हम सामाजिक क्षेत्र में असमानताएँ मिटाने के लिए काम कर रहे हैं, इसके साथ-साथ जब हम सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में विकास की बात करते हैं तो हमें ध्यान रखना चाहिए कि वर्तमान में इन दोनों क्षेत्रो में हमारी कैसी स्थिति है."

"सच्चाई ये है कि सरकारी संस्थानो में और व्यापारिक क्षेत्र में लोगों का विश्वास कम हो रहा है."

अमरीका के उपराष्ट्रपति डिक चेनी ने कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति व्लादिमार पुतिन के नेतृत्व की आलोचना की थी.

हालाँकि राष्ट्रपति पुतिन ने उस आलोचना का सीधे तौर पर कोई जवाब नही दिया मगर इशारों की भाषा में उन्होंने ईरान पर संभावित सैनिक कारवाई के परिणामों की चेतावनी अमरीका को ज़रूर दे डाली.

पुतिन का कहना था कि सैन्य कार्रवाइयों से हमेशा वैसे परिणाम सामने नहीं आते जिनको ध्यान में रखकर ये कार्रवाई की जाती है और कई बार तो सैनिक कारवाई के बाद जो स्थिति बनती है वो पहले वाली स्थिति से भी ख़तरनाक होती है.