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मंगलवार, 09 मई, 2006 को 19:39 GMT तक के समाचार

बुश ने कहा, कूटनीति ही है पहला उपाय

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि ईरान के परमाणु मसले के विवाद को सुलझाने के लिए पहला उपाय कूटनीति ही है.

राष्ट्रपति बुश का बयान बड़े देशों के विदेश मंत्रियों की उस बैठक के कुछ घंटों बाद आया है जिसमें ईरान के मसले पर कोई सहमति नहीं बन सकी.

उन्होंने अपने बयान में ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद के पत्र का कोई ज़िक्र नहीं किया है. उधर अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने कहा है कि वे औपचारिक रुप से इस पत्र का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं.

वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता जेम्स कुमारस्वामी का कहना है कि अधिकारी अहमदीनेजाद के पत्र को यह कहकर खारिज कर रहे हैं कि ये परमाणु विवाद से ध्यान हटाने के लिए लिखा गया है.

उल्लेखनीय है कि ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने सोमवार को अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को एक पत्र लिखा था जिसमें कथित तौर पर अमरीकी नीतियों की आलोचना की गई थी.

कूटनीति

जॉर्ज बुश से फ़्लोरिडा की एक आमसभा में पूछा गया कि यदि ईरान ने परमाणु हथियार हासिल कर लिए तो अमरीका का रुख़ क्या होगा तो उन्होंने कहा कि अमरीका का लक्ष्य ईरान को ऐसा करने से रोकना होगा.

उन्होंने कहा, "उपाय एक ही है, जो उपाय ईरान के साथ कारगर होगा, वो है कूटनीति, और मैं मानता हूँ कि इसे कूटनीति से ही हासिल किया जा सकता है."

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि राष्ट्रपति बुश एक लक्ष्य की बात ज़रुर कह रहे हों लेकिन संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के बीच अभी तो सहमति ही बनती नहीं दिख रही है.

चीन और रुस ऐसे किसी भी क़दम के ख़िलाफ़ हैं जिससे ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध या हमले का संकेत मिलता हो.

दूसरी तरफ़ अभी अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने अभी आर्थिक प्रतिबंध पर अपनी राय ज़ाहिर नहीं की है.