http://www.bbcchindi.com

मंगलवार, 09 मई, 2006 को 09:09 GMT तक के समाचार

विकासशील देशों में बच्चों पर ख़तरा

एक नए शोध में बताया गया है कि विकासशील देशों में हर साल 20 लाख बच्चों की पैदा होते ही मौत हो जाती है. जबकि एक करोड़ बच्चे पाँच साल की उम्र से पहले ही अपनी जान गँवा देते हैं.

सेव द चिल्ड्रेन नाम की चैरिटी संस्था ने यह शोध किया है. शोध में कहा गया है कि विकासशील देशों में पैदा होने वाले ज़्यादातर बच्चों के लिए पहला दिन काफ़ी ख़तरनाक होता है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ ज़्यादातर बच्चों की मौत ऐसे कारणों से होती है, जिन्हें आसानी से रोका जा सकता है. इनमें प्रमुख हैं- पैदा होने में मुश्किलें, जन्म के समय बच्चों का कम वजन और इन्फ़ेक्शन.

इस चैरिटी संस्था ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि माँ बनने के लिए सबसे सुरक्षित हैं- स्कैन्डिनेवियाई देश यानी उत्तरी यूरोप के नॉर्वे, फ़िनलैंड, आईसलैंड, डेनमार्क और स्वीडन.

नंबर वन

इन देशों में भी स्वीडन का नंबर सबसे ऊपर है. संस्था का कहना है कि स्वीडन किसी भी महिला के माँ बनने के लिए सबसे अच्छी जगह है. जबकि माँ बनने के लिए सबसे ख़तरनाक माने गए हैं अफ़्रीकी देश.

अफ़्रीकी देशों में नीजेर का स्थान सबसे नीचे है. जबकि निचले अन्य नौ देशों में अफ़्रीकी देशों का ही नाम है.

रिपोर्ट में सिफ़ारिश की गई है कि गर्भवती महिलाओं को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ पोषक तत्त्व भी मिले.

यह भी कहा गया है कि बच्चे के जन्म के समय महिलाओं को बेहतर सुविधा दी जानी चाहिए और इस बात की वकालत करनी चाहिए कि जानकार नर्स उस समय उनकी सहायता के लिए मौजूद रहें.