http://www.bbcchindi.com

रविवार, 07 मई, 2006 को 11:33 GMT तक के समाचार

ईरान की संसद ने दी धमकी

ईरान की संसद ने आगाह करते हुए कहा है कि अगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रहा विवाद बातचीत से नहीं सुलझाया गया तो, संसद
सरकार से परमाणु अप्रसार संधि से पीछे हटने के लिए कहेगी.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव कोफ़ी अन्नान के नाम लिखे एक पत्र में कहा गया है कि ईरान सरकार को परमाणु अप्रसार संधि से वापस हटने के लिए कहने के अलावा ईरानी संसद के पास कोई विकल्प नहीं बचेगा.

परमाणु अप्रसार संधि से वापस हटने का मतलब होगा कि संयुक्त राष्ट्र की जाँच एजेंसी ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुआयना नहीं कर सकेगी.

सुरक्षा परिषद

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई सदस्य सोमवार को बैठक कर रहे हैं.

इसमें यूरेनियम संवर्द्धन बंद न करने की सूरत में ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा होगी.

संयुक्त राष्ट्र ने शनिवार को भी बैठक कर ईरान प्रस्ताव के मसौदे पर चर्चा की थी.

रूस का कहना है कि इस प्रस्ताव में बदलाव की ज़रूरत है और इसमें ज़्यादा जो़र ईरान और संयुक्त राष्ट्र के बीच विश्वास का माहौल बढ़ाने पर होना चाहिए.

वहीं चीन का कहना है कि प्रस्ताव इस तरह के प्रावधानों पर आधारित है जिनके बिनाह पर बाद में ईरान पर सैनिक कार्यवाही भी की जा सकती है.

इससे पहले ईरान सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा था कि अगर सुरक्षा परिषद कोई नकारात्मक क़दम उठाती है तो इससे आईएईए और ईरान के बीच सहयोग पर असर पड़ेगा.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हामिद रेज़ा ने कहा था, "अगर सही फ़ैसला नहीं लिया गया और सुरक्षा परिषद को बीच में लाया गया तो सहयोग के बजाए टकराव का माहौल बनेगा."

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि परमाणु अप्रसार संधि से पीछे हटना ईरान की ओर से सबसे कड़ी चेतावनी है. और इसका मतलब होगा कि बाहरी दुनिया को इस बारे में कोई जानकारी नहीं होगी कि ईरान के परमाणु संयंत्रों में क्यो हो रहा है.

ईरान को लेकर बने प्रस्ताव के मसौदे पर अभी मतदान नहीं हुआ है.

कूटनयिकों का कहना है कि मतदान तब तक नहीं होगा जब तक सुरक्षा परिषद के सभी स्थाई सदस्यों और जर्मनी की न्यूयॉर्क में बैठक नहीं होती.