रविवार, 07 मई, 2006 को 21:03 GMT तक के समाचार
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि वो खुशी खुशी ग्वांतानामो बे यातना शिविर बंद करने को तैयार हैं लेकिन उन्हें इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट के एक फ़ैसले का इंतज़ार है.
बुश ने कहा कि वो चाहते हैं कि ग्वांतानामो बे में रखे गए क़ैदियों के ख़िलाफ मामला चले लेकिन इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट को फ़ैसला करना है कि इन क़ैदियों के ख़िलाफ सैन्य ट्राइब्यूनल में मामला चलेगा या सामान्य अदालतों में.
जर्मन टेलीविज़न को दिए एक साक्षात्कार में बुश ने कहा कि ग्वांतानामो बे का मसला जटिल और पेचीदा है.
इस यातना शिविर में दुनिया के कई देशों के पांच सौ से अधिक लोग आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के शक के आरोप में बंद हैं.
इस यातना शिविर में रखे गए क़ैदियों की हालत को लेकर पूरी दुनिया में बुश सरकार की आलोचना हो रही है.
इसके अलावा इन क़ैदियों को लंबे समय वहां रखे जाने और सैन्य ट्राइब्यूनलों द्वारा सुनवाई को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी आलोचना हो रही है.
इस समय अमरीका की सुप्रीम कोर्ट इस बात पर विचार कर रही है कि ग्वांतानामो बे क़ैदियों के ख़िलाफ आम अदालतों में या सैन्य ट्राइब्यूनलों में मामला चलाया जाए.