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बुधवार, 03 मई, 2006 को 20:55 GMT तक के समाचार

मुसावी को आजन्म कारावास की सज़ा

अमरीकी ज्यूरी ने ने अल क़ायदा के कथित सदस्य ज़कारियास मुसावी को 11 सितंबर, 2001 के हमलों के सिलसिले में मौत की सज़ा न देने का फ़ैसला किया है.

उन्हें आजन्म कारावास की सज़ा सुनाई गई है.

हालांकि तीन अप्रैल को ज्यूरी ने कहा था कि ज़कारियास मुसावी को इन हमलों के सिलसिले में मौत की सज़ा सुनाई जा सकती है.

अमरीका में 11 सितंबर के हमलों के मामले में मुसावी पर ही मुक़दमा चलाया गया था. इन हमलों में लगभग तीन हज़ार लोग मारे गए थे.

सरकारी वकीलों का कहना था कि मुसावी 11 सितंबर की साज़िश का हिस्सा थे और उन्होंने जाँचकर्ताओं से झूठ बोला था. अगर वे सच बताते तो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागॉन पर हुए हमलों को रोका जा सकता था.

बचाव पक्ष का तर्क था कि वो दिमागी तौर पर ठीक नहीं है और हमलों में उनका कोई हाथ नहीं था.

ज़कारियास मुसावी मोरोक्को में पैदा हुए फ़्रांसीसी नागरिक हैं. उन्होंने 11 सितंबर के हमलों का षड्यंत्र रचने के मामले में छह आरोप स्वीकार किए हैं.

मुसावी को अगस्त, 2001 में गिरफ़्तार किया गया था और 9/11 के हमले के समय मुसावी अमरीका की जेल में बंद थे. उन्हें 'आतंकवादी' होने के संदेह में गिरफ़्तार कर लिया गया था.

उन दिनों वे विमान उड़ाना सीख रहे थे और उनके प्रशिक्षक को उन पर शक हो गया था और उन्होंने उनकी शिकायत कर दी थी.