गुरुवार, 27 अप्रैल, 2006 को 01:46 GMT तक के समाचार
ग्यारह सितंबर के हमलों में ध्वस्त हुए वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की जगह बनाए जाने वाले 'फ्रीडम टावर' नामक भव्य स्मारक का निर्माण अब जल्द शुरू हो सकेगा.
इसके निर्माण को लेकर पोर्ट ऑथरिटी ऑफ़ न्यूयॉर्क एंड न्यूजर्सी और लैरी सिल्वरस्टेन के बीच सहमति हो गई है. पिछले कुछ समय से दोनों पक्षों के बीच खींचतान चल रही थी.
लैरी सिल्वरस्टेन ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नष्ट होने से दो महीने पहले इसे लीज़ पर ले लिया था और नई परियोजना को विकसित करने में उनकी अहम भूमिका होगी.
इस बात पर सहमति हो गई है कि लैरी सिल्वरस्टेन 'फ्रीडम टावर' और उसके साथ बनने वाली एक अन्य ऊंची इमारत का नियंत्रण पोर्ट ऑथरिटी ऑफ़ न्यूयॉर्क एंड न्यूजर्सी को सौंप देंगे.
लेकिन प्रस्तावित तीन अन्य ऑफिस टावर पर उनका स्वामित्व रहेगा.
इसके पहले 'फ्रीडम टावर' की डिज़ाइन पर सुरक्षा के मुद्दे को लेकर न्यूयॉर्क पुलिस ने आपत्ति जताई थी.
ग्यारह सितंबर के हमलों में ध्वस्त हुए इन टावरों की जगह अमरीकी सरकार ने उन हमलों में मरने वालों की याद में एक भव्य स्मारक बनाने की घोषणा की थी.
इस इमारत को एक बेहद सुरक्षित इमारत बनाने की कोशिश की जा रही है.
कुल नौ डिज़ाइनों में से जर्मनी के डिज़ाइनर डेविड लिबस्किंड की डिज़ाइन को 2003 में चुना गया था. लेकिन इसका निर्माण उलझा हुआ था.
न्यूयॉर्क में जहाँ कभी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की गगनचुंबी इमारतें हुआ करती थीं, उसी स्थान अब नई इमारत का निर्माण शुरू होगा. ये जगह अब 'ग्राउंड ज़ीरो' कहलाती है.
ये इमारत दुनिया की सबसे ऊँची इमारत होगी. इसकी ऊँचाई लगभग 540 मीटर होगी और इसे 2012 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है.
सबसे ऊंची इमारत बनाने के पीछे अमरीका के अनेक लोगों की इस भावना को ध्यान में रखा गया है, जो चाहते हैं कि नई इमारत आतंकवाद के ख़िलाफ़ साहस का प्रतीक हो.