बुधवार, 26 अप्रैल, 2006 को 21:46 GMT तक के समाचार
ईरान के धार्मिक कट्टरपंथी नेता महिलाओं को फ़ुटबॉल मैच देखने की अनुमति देने का विरोध कर रहे हैं.
वर्ष 1979 में हुई क्रांति के बाद से ईरान में पहली बार इसकी अनुमति दी गई है.
चार मुख्य आयतुल्लाओं और कुछ संसद सदस्यों ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि यह क़दम इस्लामी क़ानूनों के ख़िलाफ़ है क्योंकि फ़ुटबॉल मैच देखने गईं महिलाएँ किसी अपरिचित पुरुष का शरीर देखेंगीं.
उल्लेखनीय है कि कट्टरपंथी माने जाने वाले राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने सोमवार को 'सिर्फ़ पुरुषों के लिए' वाले नियम को हटाने की घोषणा करते हुए कहा था कि फ़ुटबॉल मैच के दौरान महिलाओं और परिवारों के लिए स्टेडियम में विशेष व्यवस्था की जाएगी.
राष्ट्रपति की इस घोषणा का महिला अधिकार समूहों ने स्वागत किया है जो लंबे समय से इस प्रतिबंध का विरोध कर रहे थे.
अहमदीनेजाद की इस घोषणा को लोकप्रियता हासिल करने का एक क़दम माना जा रहा है क्योंकि फ़ुटबॉल वहाँ महिलाओं और पुरुषों में समान रुप से लोकप्रिय है और विश्व कप के नज़दीक आने के साथ दीवानगी बढ़ रही है.
विरोध
इस घोषणा का विरोध कर रहे मौलवियों का कहना है कि अपरिचित पुरुषों और महिलाओं के लिए एक दूसरे का शरीर देखना ग़लत है, भले ही वे इसे आनंद लेने के लिए न देख रहे हों.
एक कट्टरपंथी सांसद ने कहा, "यदि उदारवादियों ने ऐसा करना चाहा तो तेहरान की सड़कों पर इसका विरोध करने के लिए आत्मघाती हमलावर उतर आएँगे."
फ़ुटबॉल के मैदान में प्रशंसकों की भीड़ जिस भाषा का प्रयोग करती है उसका ज़िक्र करते हुए एक कट्टरपंथी अख़बार ने कहा है कि माहौल ऐसा होता है कि किसी को भी रोना आ जाए.
पुरुष प्रशंसकों और दर्शकों के इस व्यवहार को नियंत्रण न कर पाने को ही महिलाओं को रोकने के लिए बहाना बनाया जाता है.
महिलाएँ टेलीविज़न पर फ़ुटबॉल मैच देख सकती हैं.
उन्हें वॉलीबॉल और बास्केटबॉल के मैच देखने जाने की भी अनुमति है, हालांकि इन खेलों में भी पुरुष खिलाड़ियों का पहरावा वैसा ही होता है जैसा कि फ़ुटबॉल में होता है.
राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने महिलाओं और परिवारों को फ़ुटबॉल मैच देखने की अनुमति देते हुए कहा, "सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और परिवारों की उपस्थिति से पवित्रता बढ़ती है."
उन्होंने स्टेडियमों की सर्वश्रेष्ठ जगहें महिलाओं और परिवारों को देने के आदेश दिए हैं.