इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालाबानी ने शिया नेता जवाद अल मलिकी को नई सरकार बनाने का न्यौता दिया है.
समझा जा रहा है कि महीनों से चले आ रहे राजनीतिक गतिरोध को दूर करने और जातीय हिंसा को रोकने में इससे मदद मिलेगी.
हाल के महीनों में शिया और सुन्नियों के बीच हिंसा से देश में गृहयुद्ध का ख़तरा पैदा हो गया था.
जलाल तालाबानी ने संसद में कहा, "मैं इराक़ी भाइयों और बहनों को सूचित करना चाहता हूँ कि हमने अपने प्रिय बंधु जवाद अल मलिकी को नई सरकार का मुखिया बनाने का सर्वसहमति से फ़ैसला किया है."
जवाद अल मलिकी के पास अब नया मंत्रिमंडल बनाने के लिए एक महीने का समय है और उस मंत्रिमंडल को संसद की मंज़ूरी मिलना ज़रूरी है.
इसके अलावा संसद मंत्रिमंडल के हर सदस्य के नाम को मंज़ूरी देगी तभी वह अपने पद पर रह सकेगा.
इससे पहले संसद में सबसे बड़े दल शिया अलायंस ने निवर्तमान प्रधानमंत्री इब्राहीम अल जाफ़री के स्थान पर जवाद अल मलिकी के नाम को हरी झंडी दिखाई थी.
इब्राहीम अल जाफ़री ने सुन्नी और कुर्द समुदायों के विरोध को देखते हुए नामांकन से अपना नाम वापिस ले लिया था जिसके बाद शिया अलायंस ने एक अन्य नेता जवाद अल मलिकी का नाम प्रस्तावित किया था.
जलाल तालाबानी को संसद ने शनिवार को हुए सत्र में फिर से राष्ट्रपति चुन लिया. अपने चुनाव के बस कुछ ही देर बाद जलाल तालाबानी ने जवाद अल मलिकी को सरकार बनाने का न्यौता दे दिया.
दिसंबर 2005 में चुनाव होने के बाद इराक़ी संसद का यह सिर्फ़ दूसरा सत्र था जिसमें नए स्पीकर महमूद मशहदानी का भी चुनाव हुआ. मशहदानी एक सु्न्नी अरब हैं.