शुक्रवार, 21 अप्रैल, 2006 को 23:52 GMT तक के समाचार
अमरीकी गुप्तचर संस्था सीआईए ( सेंट्रल इंटलीजेंस एजेंसी) ने मीडिया को गुप्त जानकारी देने के आरोप में अपने एक अधिकारी को बर्खास्त कर दिया है.
एजेंसी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी लेकिन उस अधिकारी का नाम नहीं बताया जिसे बर्ख़ास्त किया गया है.
सीआईए के प्रवक्ता के अनुसार बर्ख़ास्त हुए अधिकारी ने माना है कि उन्होंने मीडिया को ऐसी गुप्त जानकारी दीं जो नहीं दी जानी चाहिए थीं.
प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में तीन महीने की छानबीन के बाद कार्रवाई करने का फ़ैसला किया गया.
नवंबर महीने में अमरीका के अख़बार इन ख़बरों से भर गए थे कि सीआईए आतंकवाद मामले में संदिग्ध लोगों को विदेशों में " गुप्त जेलों" में रख रहा है यानी कि कई अन्य देशों में अमरीका अवैध यातना शिविर चला रहा है.
यह ख़बर सबसे पहले वाशिंगटन पोस्ट अख़बार में छपी जिसके बाद उन देशों में बवाल मचने लगा जो अमरीका के सहयोगी थे.
अमरीका ने कभी इस ख़बर की पुष्टि नहीं की कि वह अपने सहयोगी देशों में यातना शिविर चला रहा है.
फ़रवरी महीने में सीआईए के निदेशक पोर्टर गॉस ने कांग्रेस से कहा था कि इस ख़बर को लीक करने वाले का पता लगाया जाना चाहिए.
गॉस ने कहा था कि इस ख़बर से सीआईए की क्षमताओं को गहरा धक्का लगा है.
सीआईए ने हालांकि यह भी नहीं बताया है कि बर्खास्त करने वाले अधिकारी ने वाशिंगटन पोस्ट में छपी ख़बर ही लीक की थी या कोई और जानकारी लीक की थी.